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  • Dumper, Pokelen And JCB Machine Were Taken On The Agreement, No Payment Was Made, FIR Filed On 3 Including India Head Of The Company

ECO GREEN ने लगाया 1.20 करोड़ का चूना:एग्रीमेंट पर लिए थे डंपर, पोकलेन और JCB मशीन, नहीं किया भुगतान, कंपनी के इंडिया हेड समेत 3 पर FIR

ग्वालियर4 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • विश्वविद्यालय थाना पुलिस जाएगी हरियाणा, कंपनी के अफसरों से करेगी पूछताछ

शहर में सफाई का ठेका लेने वाली इको ग्रीन कंपनी चार ठेकेदारों को 1 करोड़ 20 लाख 22 हजार रुपए का चूना लगा गई है। कंपनी ने सफाई व्यवस्था का ठेका लेने के बाद इन चारों ठेकेदारों से काफी मात्रा में डंपर, पोकलेन व JCB मशीन के एग्रीमेंट कर किराए पर लिए थे। कुछ समय तक भुगतान भी किया, लेकिन बाद में कंपनी ने भुगतान करना बंद कर दिया। साल 2020 में नगर निगम ने कंपनी को टेकओवर कर लिया।

अब ठेकेदारों द्वारा कंपनी के ऑफिस जाकर अपने रुपए वापस मांगे तो धक्का देकर भगा दिया गया। इस दौरान एक ठेकेदार के बार-बार गुरुग्राम जाने पर वह कोरोना संक्रमित हुए और मौत भी हो गई। घटना की शिकायत कुछ समय पहले ठेकेदारों ने SP ग्वालियर से की थी। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

चीनोर निवासी द़ुर्गपाल सिंह परमार ठेकेदार हैं। 3 साल पहले उन्होंने अपने बेटे अनिरुद्ध सिंह परमार, केपी कॉन्ट्रैक्टर, रवि साहू कंस्ट्रक्शन, शारदा ऑटो फिल्ड व ईलू ऑटो फिलिंग के साथ इकोग्रीन कंपनी में एग्रीमेंट कर 7 डंपर, 1 पोकलेन मशीन और दो JCB मशीन लगाए थे। शुरुआत से सारा लेनदेन अनिरुद्ध के पिता ठेकेदार दुर्गपाल सिंह परमार देखते थे। तब समय पर भुगतान हो जाता था। कुछ दिन बाद अनिरुद्ध ने पूरा काम संभाला। इसके बाद अचानक कंपनी ने भुगतान करना बंद कर दिया। जब भी वह भुगतान के लिए दबाव बनाते तो कंपनी से जल्द पूरा पेमेंट होने का आश्वासन मिलता। पर कई माह बीतने के बाद भी पेमेंट नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद कंपनी के कंट्री हेड संजय शर्मा, अकाउंटेंट जुगनेश जग्गा व एक अन्य अफसर गुरुविन्दर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

पेमेंट के चक्कर में ठेकेदार की हुई मौत

  • बहुत परेशान होने के बाद भी जब पेमेंट नहीं आया तो अनिरुद्ध सिंह के पिता ठेकेदार दुर्गपाल सिंह ने कंपनी के चक्कर लगाने शुरू किए। इस दौरान कोरोना संक्रमण अपने पीक पर था। जिसके चलते दुर्गपाल संक्रमण की चपेट में आ गए। कोरोना होने पर उनको यहां हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद अनिरुद्ध ने जब कंपनी से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने नंबर ब्लॉक कर दिया। ठेकेदार कंपनी के मुख्यालय गुरुग्राम हरियाणा पहुंचे तो वहां से धक्का देकर भगा दिया गया। जिसके बाद शिकायत करने पर विवश होना पड़ा।

ऐसे तय हुआ था मशीनों का किराया

  • पीड़ित पक्ष ने पुलिस अफसरों को बताया कि उनके सात डंपर कंपनी ने हायर किए थे, जिनका किराया 290 रुपए प्रति टन था और पोकलेन मशीन का किराया 1 लाख 70 हजार रुपए प्रति माह था। इसके अलावा दो JCB मशीन का किराया 75-75 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से तय हुआ था। कुछ वाहन ठेकेदारों के खुद के थे, लेकिन कुछ उन्होंने कंपनी के लिए बाहर से हायर किए थे। जिसका किराया उन पर चढ़ रहा है। इस पर विश्वविद्यालय थाना के TI रामनरेश यादव का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया है। अब एग्रीमेंट की जांच की जा रही है। जल्द एक टीम गुरुग्राम हरियाणा जाएगी।
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