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राज्य सरकार फिर से ला सकती है संबल योजना:ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने कहा- इंदिरा गृह ज्योति योजना का नाम बदलकर पुराना नाम रखा जाएगा

ग्वालियर15 दिन पहले
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  • 100 यूनिट से अधिक के बिजली बिल पर सामान्य टैरिफ लगाने के विरोध पर राहत देने की तैयारी

प्रदेश में बिजली उपभाेक्ताओं काे 100 यूनिट से अधिक बिजली जलाने पर बिल की राशि सामान्य टैरिफ के हिसाब से वसूले जाने की तैयारी के विराेध के चलते सरकार पुरानी संबल याेजना लागू करने पर विचार कर रही है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह ताेमर ने यह बात दैनिक भास्कर से एक खास बातचीत में कही।

पुरानी संबल याेजना लागू हाेने पर आर्थिक रूप से कमजाेर यानि कि श्रमिक और मजदूरी कार्डधारी उपभाेक्ताओं काे खासी राहत मिलेगी। उन्हें 200 रुपए तक के ही बिल भुगतान करने हाेंगे, जबकि बाकी उपभाेक्ताओं काे बिल सामान्य टैरिफ के हिसाब से ही दिया जाएगा। दरअसल, अभी 100 यूनिट तक 100 रुपए और 101 यूनिट से 150 यूनिट तक 385 रुपए का बिल आता है, जिस पर 495 रुपए की सब्सिडी मिलती है। इसके बाद 151 यूनिट से सामान्य टैरिफ लगता है। प्रदेश सरकार इसी व्यवस्था को बदलकर 101 यूनिट से ही सामान्य टैरिफ के हिसाब से बिजली के बिल देना चाहती है। इसका लाेग विराेध कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर शहर में 2.72 लाख उपभोक्ताओं में से श्रमिक कार्ड धारी 43 हजार उपभोक्ता हैं। तोमर से इसके साथ ही नए परिवर्तन आैर इंदिरा गृह ज्योति योजना पर भी बात की।

किसान को एक कनेक्शन पर ही मिलेगी सब्सिडी

  • नई व्यवस्था में और क्या नए परिवर्तन करने जा रहे हैं?

वर्तमान में एक किसान के यदि 10 विद्युत कनेक्शन हैं तो उसे सभी 10 कनेक्शन पर सब्सिडी मिलती है। यह ठीक नहीं है। इसलिए जो नई व्यवस्था हम लेकर आ रहे हैं, उसमें एक किसान को एक विद्युत कनेक्शन पर ही सब्सिडी मिलेगी, शेष विद्युत कनेक्शन पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाएगी।

  • इंदिरा गृह ज्योति योजना का नाम बदलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर क्यों करना चाहते है?

योजना का नाम बदलने की शुरूआत किसने की थी। इस योजना का नाम संबल योजना था। जिसे कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने बदलकर इंदिरा गृह ज्योति योजना कर दिया था। हम वापस मूल योजना पर ही तो लौट रहे हैं और अटलजी इस शहर, प्रदेश और देश का गौरव हैं, उनके नाम पर योजना का नाम रखने में किसी को क्या दिक्कत है?

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