लापरवाही भारी न पड़ जाए:सैंपल देने के बाद भी खुले में घूम रहे हैं लोग इसलिए बढ़ रहा है संक्रमण

ग्वालियर4 महीने पहले
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संक्रमित नहीं कर रहे कोराेना की गाइड लाइन का पालन। - Dainik Bhaskar
संक्रमित नहीं कर रहे कोराेना की गाइड लाइन का पालन।

कोरोना संक्रमण एक ओर तेजी से बढ़ रहा है वहीं दूसरी होकर कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही भी बरती जा रही है। कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मरीज सैंपल देने बाद भी बाजारों में घूम रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा का कहना है कि यह गंभीर मामला है लोगों को सैंपल देने के बाद खुद को घर में आइसोलेट कर लेना चाहिए। जो लोग ऐसा नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आईसीएमआर के स्पष्ट निर्देश हैं कि सैंपल देने के बाद जब तक रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती है तब तक सैंपल देने वाले व्यक्ति को आइसोलेट कर लेना चाहिए। साथ ही घर के अन्य सदस्यों से दूरी बनाना चाहिए। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो वह कहीं भी जा सकता है, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है।

उधर विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में अब मरीजों की संख्या स्थिर होती जा रही है उसे देखकर प्रतीत होता है कि संक्रमण पीक पर आता जा रहा है। वहीं शहर में सोमवार को मास्क न लगाने पर सिर्फ 117 लोगों के चालान कर उनसे 7500 रुपए की वसूली की गई।

सिविल सर्जन का पूरा परिवार हुआ कोरोना संक्रमित

सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा दो दिन पहले कोरोना पॉजीटिव हो गए थे। इसके बाद उनके परिवार के लोगों ने अपने सैंपल जिला अस्पताल मुरार में कराए, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आ गई। सिविल सर्जन के परिवार के छह लोगों को कोरोना होने की पुष्टि हुई है।

सिविल सर्जन के संपर्क में आने से ये लोग संक्रमित हुए हैं। सिविल सर्जन सहित सभी लोग होम आइसोलेशन में हैं। बिरला नगर में रहने वाले डॉ. प्रमोद कुमार राजौरिया को भी कोरोना होने की पुष्टि हुई है। सिंधिया स्कूल का एक कर्मचारी और संक्रमित निकले हैं।

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