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लॉकडाउन के साइड इफेक्ट:पति-पत्नी के बीच बढ़ी तकरार 35 दिन में 43 मामले थाने पहुंचे, 16 में पुलिस ने कराई सुलह

ग्वालियरएक महीने पहलेलेखक: अमित शर्मा
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  • ग्वालियर में कहीं सोशल मीडिया के कारण झगड़ा तो कहीं मायके जाने से आ गई अलग होने की नौबत

कोरोना कर्फ्यू (लॉकडाउन) के चलते लोग घर में बंद रहने को मजबूर हैं। इसके साइड इफैक्ट भी सामने आने लगे हैं। लोगों के दिन-रात घरों में रहने से पारिवारिक झगड़े बढ़ गए हैं। पति-पत्नी के बीच कहीं सोशल मीडिया की वजह से तकरार हो रही है तो कहीं पत्नी के मायके जाने से पति पत्नी के अलग होने की नौबत तक आ गई है। ऐसे में शहर की सुरक्षा करने वाली पुलिस अब घरेलू झगड़े निपटाने में लगी है। शहर में 1 अप्रैल से 5 मई के बीच यानी 35 दिन में ही 43 दंपती आपस में झगड़ने के बाद अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे हैं।

तीन उदाहरण

1. सोशल मीडिया पर चैटिंग पर हुआ शक तो पत्नी पहुंची थाने

लक्ष्मणपुरा निवासी महिला ने पड़ाव थाने पहुंचकर 21 अप्रैल को शिकायत की कि उसके पति ने उसकी मारपीट की। महिला एफआईआर लिखाने पहुंची थी। जब उसके पति को बुलवाया गया तो पता लगा जिस दुकान पर वह काम करता है, वह बन्द है। इसलिए सोशल मीडिया पर दोस्तों से चैटिंग करता रहता था। पत्नी ने उस पर शक किया, बार-बार टोका तो उसने मारपीट कर दी। इस पर वह थाने पहुंच गई। दोनों के परिजन भी आ गए, फिर राजीनामा हो गया।

2. शादी में जाने से रोका तो हुआ विवाद
माधौगंज के कारीगरों का मौहल्ला निवासी महिला 16 अप्रैल को पति के मना करने के बाद भी शादी में मायके चली गई। लौटकर आई तो पति ने घर में नहीं घुसने दिया तो वह थाने पहुंच गई। पुलिस ने दोनों को समझाकर सुलह कराई।

3. पति से झगड़ा तो जान देने रेलवे ट्रैक पर पहुंची
नाका चंद्रबदनी क्षेत्र में रहने वाली महिला 17 अप्रैल को पति से झगड़कर खुदकुशी करने रेलवे ट्रैक पर जा पहुंची। पुलिस उसे बचा लिया गया। महिला का कहना था कि पति उसके चरित्र पर संदेह करता है। इसके चलते दोनों में झगड़ा होता है। उसी से तंग आकर वह खुदकुशी करने निकली थी।

लॉकडाउन के कारण तनाव बढ़ रहा
^लॉकडाउन के कारण लोग तनाव में है। हर जगह से नकारात्मक खबरें आ रहीं हैं। इससे कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ रहा है। ऐसे में छोटी बात भी झगड़े का कारण बन जाती है। जरूरत है, व्यस्त रहें, सकारात्मक सोचें, जिससे कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर नहीं बढ़ेगा। -डॉ.अतुल अग्रवाल, एचओडी, मनोरोग विभाग (जीआरएमसी)

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