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MP की लुटेरी दुल्हनों की कहानी:कारोबारी परिवारों को फंसाने वाली गैंग का सरगना गिरफ्तार, इंदौर-उज्जैन और ग्वालियर में लड़के थे निशाने पर

ग्वालियर6 महीने पहले

MP की लुटेरी दुल्हनों के फर्जी भाई को ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह फर्जी भाई उज्जैन से पकड़ा गया है। यह गैंग का मास्टरमाइंड है। उसकी गैंग के निशाने पर कारोबारी परिवार के लड़के रहते थे। यह गैंग लड़कियों को अनाथ बताकर व्यापारी परिवार से रिश्ते की बात करते थे। फिर उनको अपनी बहन बताकर शादी कराते थे। शादी के 15 से 20 दिन बाद यह लुटेरी दुल्हन कैश और सोना लेकर भाग जाती थी।

इस मामले में दो लुटेरी दुल्हन पहले पकड़ी जा चुकी हैं। एक फरार है। दोनों अप्रैल 2021 में ग्वालियर के बिलौआ में कपड़ा कारोबारी के दो छोटे भाइयों से शादी करने के कुछ दिन बाद 15 लाख रुपए का माल लेकर फरार हुई थीं। यह गैंग इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में वारदात कर चुकी है। बिलौआ निवासी नागेन्द्र जैन कारोबारी हैं। इनका बिलौआ में कपड़े का व्यवसाय है। उन्होंने 3 दिसंबर 2020 में अपने छोटे भाई दीपक और सुमित की शादी उज्जैन की नंदनी मित्तल और रिंकी मित्तल से की थी। रिश्ता दोनों लड़कियों के भाई संदीप मित्तल (वास्तविक नाम संदीप शर्मा) के सामने तय हुआ था। यह रिश्ता समाज के बाबूलाल जैन ने तय करवाया था। दोनों लड़कियों को वैश्य बताया गया था।

आरोपी संदीप को कोर्ट ले जाती पुलिस।
आरोपी संदीप को कोर्ट ले जाती पुलिस।

नंदनी और रिंकी शादी के बाद 15 से 20 दिन तक ससुराल में रहीं। इसके बाद में मायके चली गईं। इसके बाद नहीं लौटीं। लड़के वालों को शक हुआ और घर की तलाशी ली। इसके बाद पता चला कि दोनों बहनें करीब 8 लाख रुपए कीमत के जेवर और 7 लाख नकदी लेकर गई हैं। पीड़ित के अनुसार शादी के समय बताया गया था कि सगी बहनों के माता-पिता की मौत हो चुकी है। शादी कराने के नाम पर उनसे 7 लाख रुपए लिए गए थे। जांच में पता चला है कि एक दुल्हन का पहले से ही एक बेटा है। उज्जैन में दोनों दुल्हनों के खिलाफ शादी के बाद धोखाधड़ी की FIR भी पहले से ही दर्ज थी।
सोशल मीडिया अकाउंट से हुआ था खुलासा
नागेन्द्र जैन ने बताया कि लुटेरी दुल्हनों की फेसबुक आईडी देखी तो इसमें उनके नाम अलग थे और अधिक छानबीन करने पर उनको पता चला कि दोनों की अलग-अलग नामों से बहुत सारी फेसबुक आईडी हैं। जिस लड़के ने खुद को उनका भाई बताया था, उसका सोशल मीडिया अकाउंट भी अलग-अलग नामों से है। फरियादी को लड़कियों की फेसबुक आईडी से पता चला कि दोनों पहले से शादीशुदा हैं। लड़कियों के संबंध में उज्जैन जाकर पता करने पर उनको पता चला कि लड़कियों के भाई बनकर आए युवक के विरुद्ध कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। शादी करके धोखाधड़ी करना इन लोगों का पेशा है। लुटेरी दुल्हनों ने कुछ लोगों पर दुष्कर्म का मामला भी दर्ज कराया है।

उज्जैन से गिरफ्तार किया गया फर्जी भाई संदीप शर्मा
थाना प्रभारी बिलौआ रमेश शाक्य ने एक टीम गठित कर फरार समस्त आरोपियों की तलाश के लिए लगाया। उनके ठिकानों पर दबिश देकर दो आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में अन्य आरोपियों पर गिरफ्तारी का दबाव पड़ने पर नंदनी और रिंकी ने डबरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जिन्हें पूछताछ के बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। शेष बचे आरोपियों की तलाश के लिए दबिशों के दौरान एक आरोपी को उज्जैन से पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया। यह संदीप शर्मा है। इसने ही दोनों लुटेरी दुल्हनों का भाई संदीप मित्तल बनकर रिश्ता तय किया था। कारोबारी परिवारों के लड़के तलाशने से लेकर उनको फंसाने तक का काम इसी का रहता था। इसने इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में वारदात करना कुबूल किया है। इसके बाद से एक सोने की अंगूठी, एक पायल तथा 12,500 रुपए बरामद किए गए हैं। शेष जेवरात और नकदी बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

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