पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सप्लाई पर पड़ेगा असर:पहली बार तिघरा बांध के गेट की 31 चूड़ियां खोलीं, फिर भी प्रेशर कम

ग्वालियर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

तिघरा बांध से गेट की सर्वाधिक 31 चूड़ियां खोलने के बाद भी गुरुवार काे मोतीझील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर प्रेशर से पानी नहीं पहुंचा। मोतीझील के दोनों प्लांट को भरने के लिए पीएचई को रिजरवायर (झील) से पानी लेना पड़ा। देखते हुए मोतीझील प्लांट के प्रभारी सतीश श्रीवास्तव और हेमंत शर्मा ने सांक नदी में तिघरा में आ रहे पानी काे देखा।

यदि ऐसे ही हालात रहे और मानसून को आने में देरी हुई तो पानी की सप्लाई पर असर हाेगा। गुरुवार को गोरखी टंकी 20 फीट की जगह 15 फीट भर पाई। इससे क्षेत्र में पानी कम दबाव से पहुंचा। जल संसाधन विभाग का दावा है कि ककेटो से 17 और पेहसारी से 7.06 एमसीएफटी पानी तिघरा में शिफ्ट किया गया है।

इसके बाद भी दो दिन से तिघरा का जल स्तर 720.60 फीट पर बना हुआ है। जल संसाधन विभाग के एसडीओ यादवेंद्र शर्मा ने कहा कि हम हेड स्लूस गेट के वॉल्व की चूड़ियां 31 से ज्यादा नहीं खोल सकते। ये भी पहली बार खोली गई हैं। यदि ज्यादा चूड़ियां खोली जाती हैं तो पानी बर्बाद होने के साथ बैरल को भी नुकसान हो सकता है। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि मैं शुक्रवार को तिघरा बांध पर जाकर निरीक्षण करूंगा। कोशिश है कि पानी शहर में कम न पड़े। जल संसाधन व पीएचई के अफसरों से भी बात करूंगा।

आज मोतीझील प्लांट पर 4 घंटे शटडाउन

मोतीझील प्लांट पर पीएचई ने शुक्रवार को चार घंटे का शटडाउन लिया है। इससे शहर में टंकियों को भरने का काम प्रभावित रहेगा। कई क्षेत्रों में पानी कम दबाव से पहुंचेगा। गुरुवार को तिघरा बांध से पानी कम आने के कारण मोतीझील प्लांट के दो पंपों को बंद करना पड़ा था।

खबरें और भी हैं...