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दोस्ती में दिए रुपए, फिर देनी पड़ी जान:दोस्तों ने दिया दगा, रुपए लौटाना तो दूर, परेशान करना शुरू कर दिया, तंग आकर व्यवसायी ने दी थी जान

ग्वालियरएक महीने पहले
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मृतक ज्ञानेश, ने दोस्ती में विश्वास कर दिए थे 20 लाख रुपए, उसे नहीं पता था वह जान के दुश्मन बन जाएंगे - Dainik Bhaskar
मृतक ज्ञानेश, ने दोस्ती में विश्वास कर दिए थे 20 लाख रुपए, उसे नहीं पता था वह जान के दुश्मन बन जाएंगे
  • - जांच के बाद दो दोस्तों पर पुलिस ने की FIR दर्ज

ग्वालियर में दोस्तों की दगाबाजी और धोखे से परेशान एक व्यवसायी ने जहर खाकर अपनी जान दी थी। यह खुलासा पुलिस की जांच पड़ताल के बाद सामने आया है। तीन दोस्तों को व्यवसायी ने 20 लाख रुपए उनकी मदद के लिए दिए थे, लेकिन जब रुपए वापस मांगे तो दोस्तों ने मना कर दिया। इसी बीच एक दोस्त ने फांसी लगा ली। इस मामले में शेष दो दोस्तों ने व्यवसायी को फंसा दिया। अब रुपए तो छोड़ों दोनों दोस्त व्यवसायी को परेशान कर रहे थे। 22 सितंबर को व्यवसायी ने जहर खाकर जान दे दी थी। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद व्यवसायी को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले दोनों दोस्तों पर FIR दर्ज कर ली है
हजीरा के गदाईपुरा निवासी ज्ञानेश पुत्र कुंदन सिंह राजपूत की खुद की ट्रेवल्स एजेंसी थी। ज्ञानेश की 22 अगस्त को अचानक तबीयत बिगड़ी थी। परिजन ने उसे हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन वहां उसकी मौम हो गई। डॉक्टर ने ज्ञानेश के जहर खाने की पुष्टि की थी। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को पता लगा कि मृतक ज्ञानेश की अरुण अष्ठाना, अमित अष्ठाना तथा मनीष सक्सेना से दोस्ती थी। कुछ समय पूर्व अरुण, अमित और मनीष ने उन्हें गाडिय़ों की पार्टनरशिप का झांसा देकर 20 लाख रुपए लिए थे। जिससे वह भी अपना काम शुरू कर सके। इसके बाद ना तो उन्हें साझेदार बनाया और ना ही उनके रुपए लौटाए। जब उन्होंने अपने रुपए वापस करने के लिए दबाव बनाया तो अरुण ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। जिस पर पुलिस ने अमित,मनीष और उनके परिजन की शिकायत पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया था।
चेक हो गए थे बाउंस, कुछ कहता था तो धमकाते थे
- एक दोस्त के फांसी लगाने के बाद अमित और मनीष ने उनको आगे की डेट का एक चेक दिया। इन चेक को आत्महत्या करने से कुछ दिन पहले ज्ञानेश ने बैंक में लगाया तो वह भी बाउंस हो गए थे। जब भी वह रुपए वापस मांगने जाते तो आरोपी उल्टा उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर डराते थे। रोज रोज की धमकी से वह डर गया था। जिस पर ज्ञानेश ने यह कदम उठा लिया। घटना के बाद जब पुलिस ने जांच की और ज्ञानेश के परिजन के बयान लिए तो पूरा मामला सामने आया। पुलिस ने मनीष और अमित के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है। मृतक के परिजन का आरोप है कि इस मामले में और भी आरोपी है दोनों आरोपियों की पत्नी भी फोन लगाकर धमकी देती थीं।
पुलिस का कहना
- इस मामले में TI हजीरा आलोक सिंह परिहार का कहना है कि मामले की जांच के बाद दो आरोपियों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि मृतक ने आरोपियों को बीस लाख रुपए दिए थे, जिन्हें आरोपी वापस नहीं दे रहे थे और दस लाख रुपए की मांग कर रहे थे।