आधार कार्ड के लिए भटक रहे लोग:वैक्सीनेशन से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक जरूरी है आधार नंबर, लेकिन कार्ड बनना बंद

ग्वालियर6 महीने पहले
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जब से लॉकडाउन लगा है तब से आधार कार्ड बनवाने और संशोधन कराने को लेकर लोग परेशान हैं। दरअसल 1 मई से 18 वर्ष से लेकर 44 वर्ष तक के लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा, लेकिन उसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते वक्त आधार कार्ड भी एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल होगा। लेकिन शहर में ऐसे कई लोग हैं, जिन्हें अपने आधार में नाम, पता, स्पेलिंग मिस्टेक, जन्मतिथि आदि से संबंधित गलतियों को सही कराना है और संशोधित आधार कार्ड की कॉपी लेना है। तब जाकर वे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। लेकिन आधार सेंटर बंद होने की वजह से संशोधन का कार्य नहीं हो पा रहा है।

अस्पतालों में भर्ती होने के लिए भी लगता है आधार
अस्पताल में भर्ती होना हो, जांच कराना हो, या रेमडेसिविर जैसे इंजेक्शन लेना हो तो हर जगह आधार कार्ड इस्तेमाल होता है। आधार कार्ड में संशोधन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, इसी कारण सिर्फ डाकघर ने ही अपनी 12 शाखाओं पर आधार कार्ड संशोधन की व्यवस्था की थी। जिसमें सबसे बड़ा सेंटर महाराज बाड़ा डाकघर का है। लेकिन इन दिनों डाकघर तो खुल रहे हैं लेकिन आधार कार्ड में संशोधन का कार्य नहीं हो पा रहा है। भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए फिलहाल नए आधार कार्ड बनाने या पुराने आधार कार्ड में किसी भी तरह के संशोधन का कार्य नहीं किया जा रहा है।

लॉकडाउन खुलेगा तो आधी संख्या में मिलेंगे अपॉइंटमेंट
डाकघर के अधिकारी बताते हैं कि जब लॉकडाउन खुलेगा तो 1 दिन में जहां पहले 80 से 100 लोगों को अपॉइंटमेंट मिल रहा था वहां लॉकडाउन के बाद सिर्फ 20 से 30 लोगों को आधार कार्ड बनाने या संशोधन कराने के लिए बुलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर जिले में तकरीबन 19 लाख लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं लेकिन इन लोगों के आधार कार्ड में संशोधन कराने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।

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