पंचायत चुनाव:जमानत राशि के रूप में सरकार को मिल सकते हैं आधा करोड़

ग्वालियरएक महीने पहलेलेखक: दिनेश गुप्ता
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मत पेटी के चक्कर में पोलिंग पार्टी में 1 सदस्य बढ़ा, छुट्‌टी पर रोक। - Dainik Bhaskar
मत पेटी के चक्कर में पोलिंग पार्टी में 1 सदस्य बढ़ा, छुट्‌टी पर रोक।

पंचायत के 4 हजार 648 पदों पर यदि दो-दो प्रत्याशी भी नामांकन भरेंगे तो सरकार को जमानत राशि के रूप में ही आधा करोड़ अर्थात 55 लाख 16 हजार 800 रुपए मिल जाएंगे। ग्राम पंचायतों में पंच पर सर्वाधिक 70% तक आम सहमति बनती है। इस पद पर औसत 30% प्रत्याशियों के लिए ही वोटिंग का अनुमान है। राज्य निर्वाचन ने पंच के लिए 400, सरपंच के लिए दो हजार, जनपद सदस्य के लिए 4 हजार तथा जिला पंचायत सदस्य के लिए 8 हजार रुपए की जमानत राशि तय की है।

पोलिंग पार्टी के गठन की प्रक्रिया भी चालू हो चुकी है। लोकसभा-विधानसभा चुनाव में पोलिंग पार्टी 4 की बनती है पर पंचायत में पांच सदस्य रहेंगे। ऐसा पंच-सरपंच के मतपत्र डालने के लिए पेटी संभालने और वोटर लिस्ट पर टिक लगाने वाले एक कर्मचारी के बढ़ने से होगा। पंचायत चुनाव में सभी 844 पोलिंग के लिए रिजर्व सहित करीब 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी लगेंगे।

चुनाव में ड्यूटी का आदेश जारी होते ही उसे निरस्त कराने के लिए आवेदन कलेक्ट्रेट पहुंचने लगे हैं। वर्षों पुराने सचिव बदलने की मांग: राज्य निर्वाचन आयोग के पास पहुंची शिकायत में ऐसे ग्राम सहायक, सचिव बदलने की मांग की गई है जो वर्षों से जमे हैं। यह पत्र जिले में आ चुका है इसी कारण स्टाफ में घबराहट है। निर्णय शासन स्तर से होना है इसलिए अफसर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। जिले में 240 सचिव में से 190 ऐसे हैं जो लंबे समय से पदस्थ हैं।

दो दिन में एक भी नया आदेश नहीं- आयोग ने जो ट्रेनिंग रखी हैं वे भी 9 दिसंबर या इसके बाद की तारीख में। इसके पीछे अफसरों का तर्क है कि चुनाव के खिलाफ उच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं पर सुनवाई 9 को होनी है।

बहुत जरूरी होने पर ही छुट्टी मिलेगी- कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सरकारी अमले की छुट्‌टी व मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक विभाग प्रमुख अवकाश मंजूर नहीं कर सकेंगे। बहुत जरूरी होने पर ही छुट्‌टी मिलेगी।

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