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MP में अजब प्रेम की गजब कहानी:ग्वालियर से 7 साल से लापता महिला बच्चों के साथ वृंदावन में मिली; उसका प्रेमी 4 बेटियों का बाप, 15 दिन साथ रहता, बाकी दिन पहली पत्नी के पास

ग्वालियरएक महीने पहले
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मथुरा-वृंदावन में प्रेमी के साथ मिली ग्वालियर से 7 साल पहले लापता महिला। - Dainik Bhaskar
मथुरा-वृंदावन में प्रेमी के साथ मिली ग्वालियर से 7 साल पहले लापता महिला।
  • बच्चों का नाम बदला, उनका और अपना नया आधार कार्ड बनवा लिया

ग्वालियर में अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है। 7 साल पहले दो बच्चों के साथ लापता हुई जिस 35 वर्षीय महिला की पुलिस तलाश करती रही, वह UP के वृंदावन में अपने प्रेमी के साथ मिली है। 37 साल का प्रेमी खुद 4 बेटियों का बाप है। वह 15 दिन उसके साथ रहता। बाकी 15 दिन अपनी पहली पत्नी के साथ मुरैना के सबलगढ़ में रहता है। लापता महिला और बच्चों को उसका पति पागलों की तरह ढूंढ रहा था। प्रेमी की कॉल डिटेल में एक नंबर पर बार-बार कॉल के संदेह से वह पकड़ी गई।

पुलिस ने महिला को ढूंढ तो लिया, लेकिन उसने लौटने से मना कर दिया है। जब पिता बच्चों के सामने पहुंचा तो बच्चों ने उसे पहचानने तक से इनकार कर दिया। महिला ने बच्चों के नाम, आधार कार्ड और अपना आधार कार्ड तक बदल लिया है। महिला ने पुलिस से कहा कि पति उसके चरित्र पर संदेह करता था। उसे प्रताड़ित करता था। अब वह उसके पास लौटना नहीं चाहती है। बच्चों को अच्छी तालीम देकर कुछ बनाने की जिम्मेदारी है।

ऐसे हुई थी लापता

हजीरा के चंदनपुरा में नाथू सिंह कुशवाह के मकान में रहने वाला जितेन्द्र सिंह कुशवाह जयपुर राजस्थान के एक कॉल सेंटर में जॉब करता है। उसकी शादी 15 साल पहले सबलगढ़ निवासी सुधा जादौन से हुई थी। वह कुछ समय तक सबलगढ़ में सुनील जादौन के मकान में किराए पर रहते थे। सुधा ने शादी के एक साल बाद बेटी को जन्म दिया और अगले साल बेटे को।

इसके बाद जितेन्द्र ग्वालियर आ गए और चंदनपुरा में नाथू सिंह के मकान में रहने लगे। जितेन्द्र काम के सिलसिले में जयपुर चले गए और पत्नी को यहां बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए छोड़ गए। 22-23 मार्च 2014 की दरमियानी रात सुधा दोनों बच्चों के साथ लापता हो गई। उस समय बेटी 7 और बेटा 6 साल का था। पति को मकान मालिक से पता लगा तो वह लौटकर आए। ससुराल, मायके सभी ने मिलकर काफी छानबीन की, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। परिजन ने सबलगढ़ के पुराने मकान मालिक पर संदेह भी जताया। हजीरा पुलिस ने उसे भी खोजने की कोशिश की, लेकिन कुछ नहीं मिला।

फिर खुली फाइल तो खुला पत्नी का कारनामा

अभी हाल ही में इस गुमशुदगी की जांच CSP महाराजपुरा रवि भदौरिया ने ASI शैलेन्द्र सिंह चौहान को दी। वह पहले भी इस तरह के मामलों में काम कर चुके थे। ASI चौहान ने फिर से रजिस्टर खंगाले और संदेही सुनील जादौन को ट्रेस किया, लेकिन उसका नया बयान भी वही था कि उसे इस मामले में कुछ नहीं पता। वह अपनी पत्नी और चार बेटियों के साथ सबलगढ़ में खुश है।

जब उसकी कॉल डिटेल और लोकेशन निकाली तो दो सुराग मिले। पहला- एक नंबर पर लगातार बात होना पाया गया। दूसरा- उसकी मोबाइल की लोकेशन हर महीने 12 से 15 दिन के लिए उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली। यहीं से छानबीन करते हुए ASI चौहान जा पहुंचे वृंदावन और पूरे मामले का खुलासा हुआ। एक पत्नी का अपने प्रेमी के साथ भागकर नई जिंदगी बसाने और पुलिस को गुमराह करने की साजिश खुलासा हुआ।

नाम, पहचान, स्टाइल सब बदल दिया

जब पुलिस सुधा जादौन के पास पहुंची तो देखा कि उसकी स्टाइल बदल चुकी है। पुलिस ने उसे ग्वालियर लाने का प्रयास किया तो महिला ने मना कर दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि सबलगढ़ में मकान मालिक सुनील जादौन से उसकी दोस्ती हो गई थी। इसके बाद वह ग्वालियर आ गई। पति उसके चरित्र पर संदेह कर प्रताड़ित करने लगा। उसने हमेशा के लिए उसे छोड़कर जाने का फैसला कर लिया। उसने बच्चों को भी नहीं छोड़ा। इसके बाद वृंदावन में उसके प्रेमी सुनील जादौन से शादी कर उसके साथ जीवन जीने लगी।

पहली पत्नी को इस बारे में नहीं पता

सुधा ने बताया कि सुनील 15 दिन उसके साथ और 15 दिन अपनी पत्नी के साथ रहता था। सुनील की पत्नी को भी इस बारे में भनक नहीं लगी। वह बिजनेस के बहाने मथुरा आकर रहता था। यहां सुधा ने आधार कार्ड पर पति का नाम जितेन्द्र की जगह सुनील करा लिया। बेटी के नाम दिव्या से बदलकर अर्पणा और बेटे का नाम मंगल से बदलकर बलजीत सिंह कर दिया है। अब बच्चे सुनील को ही अपना पिता मानते हैं।

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