• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Hundreds Of Complaints About Power Failure, Hours Taken To Recover, Outsourced Workers Demonstrated At The Energy Minister's Bungalow On The Second Day Of The Strike, I Am The Minister Who Said On The Phone

आउटसोर्स कर्मचारियों ने घेरा ऊर्जामंत्री का बंगला:बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन ऊर्जामंत्री के बंगले पर किया प्रदर्शन, मंत्री भोपाल में थे वहीं से फोन पर बोले-मैं हूं न

ग्वालियर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
ऊर्जामंत्री के बंगले के बाहर आउटसोर्स कर्मचारी धरना प्रदर्शन करते हुए - Dainik Bhaskar
ऊर्जामंत्री के बंगले के बाहर आउटसोर्स कर्मचारी धरना प्रदर्शन करते हुए
  • - सोमवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं आउटसोर्स कर्मचारी

मध्य पूर्व और पश्चिम क्षेत्र सहित सभी 6 बिजली कंपनियों के 35 हजार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी सोमवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। इनमें ग्वालियर के 1100 कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारी संविलियन करने और आउटसोर्स एजेंसियों से रूके बोनस को दिलाने सहित अन्य मागों को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बंगले पर पहुंचकर हंगामा किया।

यहां प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की है। ऊर्जामंत्री शहर में नहीं थे वह भोपाल में है। जब हंगामे का पता लगा तो उन्होंने तत्काल कॉल किया। फोन पर आउटसोर्स कर्मचारियों से कहा कि आप घबरा क्यों रहे हो मैं हूं न आपके लिए लड़ने के लिए जल्द आपकी समस्याआंे का निराकरण होगा।
ग्वालियर में बिजली विभाग में लगे करीब 1100 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने पहले रोशनी घर बिजली दफ्तर में धरना प्रदर्शन किया। दोपहर बाद आउटसोर्सिंग कर्मचारी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बंगले पर पहुंचे। ऊर्जा मंत्री के बंगले के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। बिजली विभाग में संविलियन की मांग को लेकर आउट सोर्स कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगे नहीं माने जाने तक उनका यह धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। मंत्री के बंगले पहुंचे कर्मचारियों ने कहा कि अफसर उनकी हड़ताल खत्म कराने के लिए FIR दर्ज करने की धमकियां तक दे रहे हैं। हालांकि ऊर्जामंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर बंगले पर मौजूद नही थे। मंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव से फोन पर बात की और उन पर किसी तरह की FIR नही होने देने का भरोसा दिलाया। साथ ही विश्वास दिलाया कि वह उनकी मांगों को जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखेंगे और निराकरण का प्रयास करेंगे। संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव ने बताया कि लगातार आउससोर्स कर्मचारी शोषण का शिकार हो रहे हैं। हमसें से किसी की मौत हो जाए तो अनुकंपा नियुक्ति भी नहीं मिलती और जान का जोखिम दिन भर रहता है। बोनस के पैसे एजेंसिया खा जाती हैं। ईपीएफ जमा नहीं हो रहा है। इसलिए इस बार आरपार की लड़ाई के लिए मैदान में उतरे हैं।
तीन हजार के लगभग बिजली के आ चुके हैं कॉल
- आउटसोर्स कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। जिले में करीब 1100 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। उनके हड़ताल पर जाने से पूरा लोड बिजली कंपनी के 551 नियमित और संविदा कर्मचारियों पर आ गया है। इसके बाद लगातार बिजली फॉल्ट की शिकायतें बढ़ गई है। सोमवार को 2 हजार शिकायतें आई थीं। साथ ही मंगलवार को भी लगभग 1 हजार बिजली गुल की शिकायतें आईं। जिनको सुलझाने में दो से तीन घंटे लगे।

खबरें और भी हैं...