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कोविड संक्रमित महिला की मौत की पूरी कहानी:बेटी से बिछड़ने के दुख में हुई बीमार, कैंसर और फेफडों में पानी भरा था, बेटी के जन्मदिन पर ली आखिरी सांस, हुई मौत

ग्वालियर4 महीने पहले
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नम्रता जैन जिन्होंने बेटी के गम और  संक्रमण की चपेट में आकर दम तोड़ दिया - Dainik Bhaskar
नम्रता जैन जिन्होंने बेटी के गम और संक्रमण की चपेट में आकर दम तोड़ दिया
  • - सोमवार को कोविड से हुई थी 33 वर्षीय नम्रता की मौत

ग्वालियर में सोमवार को 33 वर्षीय नम्रता जैन ने कोरोना संक्रमण के आगे दम तोड़ दिया। महिला को कैंसर था और फेफड़ों में पानी भरने के कारण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दो दिन पहले उसे रैपिड एंटीजन टेस्ट में संक्रमित पाया गया था। महिला अपनी इकलौती गोद ली हुई बेटी से बिछड़ने के गम में डिप्रेशन में थी।

इसे इत्तेफाक ही कहेंगे 24 जनवरी को जब महिला ने दम तोड़ा उसकी बेटी का जन्मदिन था। नम्रता की मौत से जैन परिवार गहरे शोक में डूब गया है। मृतका ने बच्चे न होने पर अपनी बहन की 24 दिन की बेटी को गोद लिया था, डेढ़ साल उसे अपने पास भी रखा, लेकिन अचानक दिसंबर 2021 को बहन आई और बेटी के अपहरण का आरोप लगाकर अपनी बेटी को वापस ले गई थी। तभी से नम्रता गहरे तनाव में थी।
यह है पूरा मामला
ग्वालियर में सोमवार को 411 कोरोना संक्रमित मिले थे, जबकि दो लोगों की मौत हुई थी। इनमें 33 साल की नम्रता जैन की कहानी दिल को झकझोर देने वाली है। रामाबाग कॉलोनी और हाल में डीडी नगर निवासी नम्रता (33) पत्नी शशिकांत जैन दो दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। नम्रता को कैंसर था, लेकिन ताजा बीमारी फेंफडों में पानी भरने की थी। हॉस्पिटल में भर्ती कराने के बाद जब नम्रता का रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया गया था तो उसको कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद उसे मल्टी सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती कराया गया था। सोमवार का अचानक महिला की हालत बिगड़ती चली गई। सोमवार को उसकी बेटी का जन्मदिन था पर बेटी पास नहीं थी जिसकी याद में डूबी मां की मौत हो गई। नम्रता के पति शशिकांत का कहना है कि रात में उसने बेटी को काफी याद किया और रात साढ़े 12 बजे अचानक से बाेलना बंद कर दिया पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। आशंका है कि उसे हृदयघात हुआ होगा, हालांकि कोविड रिपोर्ट में पॉजिटिव बताया था इसलिए उसका अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में किया गया।

संक्रमित की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार पूरी कोविड गाइडलाइन से किया जा रहा है
संक्रमित की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार पूरी कोविड गाइडलाइन से किया जा रहा है

मुंहबोली बहन से 24 दिन की बच्ची ली थी गोद
मृतका नम्रता के पति शशिकांत जैन ने बताया कि नम्रता की मुंहबोली बहन बडौद निवासी अंजली पत्नी विवेक कुमार से दो साल पहले लंबे अर्से बाद सहारनपुर में जैन समाज के एक कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी। तब अंजली गर्भवती थी और उसके पास पहले से ही दो बेटियां थीं। यहां नम्रता से उसकी मुलाकात होने पर पता लगा कि नम्रता एक बच्चे को गोद लेने के बारे में सोच रही है तो उसने प्रस्ताव रखा कि उसके पास पहले से ही दो बेटियां हैं और तीसरा बच्चा गर्भ में है। इसलिए यदि कोई बच्चा गोद लेना ही है तो वह उसकी बेटी को ले सकती है। इस पर नम्रता और उसके पति शशिकांत को भी कोई ऐतराज नहीं था। जिसको वह जानते थे उसका बच्चा गोद लेने में और भी आसानी थी। पता था बच्चा किस कुल और समाज का है। इस पर 100 रुपए के स्टांप पेपर पर कानूनी कार्रवाई कर 24 दिन की मान्या को दो साल पहले गोद ले लिया गया। बच्ची का पहला जन्मदिन भी जैन परिवार ने धूमधाम से मनाया और बच्ची के आने से नम्रता की झोली में खुशियां लौट आई थीं, लेकिन जब बच्ची डेढ़ साल की हुई तो मुंहबोली बहन बच्ची को वापस मांगने लगी और उसने अपहरण से लेकर कोर्ट में केस कर दिया। 8 दिसंबर 2021 को अंजली पुलिस के साथ आई और जबरन बच्ची को ले गई। उसके बाद नम्रता टूट गई और बीमार रहने लगी। बच्ची का 24 जनवरी को जन्मदिन है और उसी की याद में उसकी जान चली गई।
नम्रता खुद भी गोद ली हुई थी इसलिए समझती थी दर्द
शशिकांत ने बताया कि नम्रता मूल रूप से भिंड के रहने वाले व्यापारी कमल जैन की बेटी थी। कमल के बड़े भाई अशोक की अपनी कोई संतान नहीं थी तो उन्होंने नम्रता को गोद लिया था। नम्रता के असली पिता से उसके ताऊ ने इसी तरह 100 रुपए के स्टांप पर कार्रवाई कर गोद लिया था। उसके बाद नम्रता के पालन पोषण से लेकर कन्यादान तक की जिम्मेदारी अशोक कुमार जैन ने निभाई थी। खुद भी गोद ली गई थी इस लिए उसे पता था कि गोद लिए बच्चे का दर्द क्या होता है।