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कोरोना फाइटर:हाथ-पैर में दर्द और बुखार आने पर जांच कराई तो निकले पॉजिटिव, योगा किया और आयुर्वेदिक काढ़ा पीकर दी कोरोना को मात

ग्वालियर6 महीने पहलेलेखक: मधु त्रिपाठी
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मधु त्रिपाठी पति राजेश के साथ। - Dainik Bhaskar
मधु त्रिपाठी पति राजेश के साथ।
  • गंभीर कोरोना संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से इसे हराने वालों की जांबाज कहानियां, पढ़िए आज तीसरी कड़ी

होलिका दहन के समय कॉलोनी में लोगों से मिलना-जुलना हुआ। तब कोविड के केस कम आ रहे थे, इसलिए निश्चिंतता थी कि कोविड का खतरा फिलहाल टल गया है। लेकिन तीन दिन बाद पति राजेश त्रिपाठी और बेटे पीयूष को हाथ-पैर में दर्द और मुझे व बेटी श्वेता को दर्द के साथ बुखार की समस्या हुई। मालूम था कि ये सभी संक्रमण के लक्षण हैं, इसलिए बिना समय गंवाए सभी ने जांच कराई।

रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो कंट्रोल कमांड सेंटर से फोन आया। मैंने बताया कि हमें बुखार 101 डिग्री हैं, लेकिन दवा लेने पर कम हो जाता है। शरीर में दर्द और कमजोरी है। उन्होंने घर पर रहकर इलाज शुरू करने की सलाह दी। हम चारों के लिए दवाई घर पर पहुंचा दी गई। समझ नहीं आ रहा था कि रोजमर्रा का सामान कैसे आएगा? लेकिन जैसे ही आस-पड़ोस के लोगों को पता चला कि हम सभी संक्रमित हो गए हैं, तो मदद के लिए सबके फोन आने लगे। कोई पड़ोसी घर के बाहर सब्जी रख जाता, तो किसी ने राशन के सामान की जानकारी वाट्सएप पर पूछकर सामान पहुंचा दिया। इससे बहुत हिम्मत मिली।

मैंने निर्णय लिया कि घर का सारा काम खुद करूंगी। किसी और को कमरे के बाहर नहीं आने दूंगी। बेटा और बेटी को अलग-अलग कमरे में कर दिया और मैं अपने कमरे से बाहर ड्राइंग रूम में रहने लगी। सुबह उठकर सभी के पीने के लिए पानी गर्म करती थी। दिनभर सभी ने गुनगुना पानी ही पिया। समाचार पत्रों में आए दिन ये पढ़ते रहे हैं कि कोरोना वायरस श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है, इसलिए मैं और पति एक घंटे योगा करते थे। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। दिन में दो बार आयुर्वेदिक काढ़ा पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी।

शाम को मैं और पति आधा घंटे के लिए छत पर टहलने चले जाते थे। इसके बाद बेटा और बेटी भी छत पर आकर तेज-तेज चलते थे। रात में खाना खाने के बाद सभी ड्राइंग रूम में अलग-अलग कोने में बैठकर बातें करते। इस दौरान हम सभी मास्क भी लगाए रहते थे। संक्रमित होने से पहले सभी को एक साथ बैठकर बात करने का मौका नहीं मिलता था। लेकिन इस दौरान सबने एक साथ बैठकर खूब बातचीत की। इन सबके चलते मेरा पूरा परिवार बहुत जल्दी कोरोना मुक्त हो गया। अब हम सभी स्वस्थ हैं।

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