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  • In Gwalior, As Soon As The Wind Turned West, The Temperature Came Down To Five And A Half To 9 Degrees, There Was A Slight Relief From The Chilling Cold.

बादल छाते ही उछला रात का पारा...:ग्वालियर में हवा का रूख पश्चिमी होते ही साढ़े पांच से 9 डिग्री पर आया तापमान, हाड़ कंपाने वाली ठंड से रही हल्की राहत

ग्वालियर5 महीने पहले
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सुबह-सुबह हाइवे के आसपास हल्की धुंध भी रही है - Dainik Bhaskar
सुबह-सुबह हाइवे के आसपास हल्की धुंध भी रही है
  • - दो दिन ऐसा ही रहेगा मौसम फिर बढ़ेगी ठंड

ग्वालियर में लगातार गिर रहे तापमान पर बादलों ने ब्रेक लगाया है। हवा का रूख उत्तर से पश्चिमी हो गया है। जिस कारण आसमान में बादलों ने डेरा जमाया हुआ है। यही कारण है कि जो तापमान दो से तीन दिन में साढ़े पांच डिग्री पर था वह अब 9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।

रात में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री पर आने के बाद हांड कंपाने वाली ठंड से मामूली राहत है, लेकिन दिन में बादल छाए रहने से ठंड का अहसास हो रहा है। सुबह-सुबह हल्का कोहरा भी नजर आया है। पर प्रदेश के अन्य शहरों के मुकाबले अभी भी ग्वालियर और चंबल अंचल में ठंड का कहर जारी है।

ठंड का दौर जारी है और रात के समय अलाव ही सहारा है
ठंड का दौर जारी है और रात के समय अलाव ही सहारा है

पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तरी जम्मू कश्मीर की हवाओं का आना बंद हो गया है। पश्चिमी हवाएं आना शुरू हो गई हैं। मंगलवार को सुबह से बादल छाए हुए हैं। बादलों के चलते न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया है। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने से ठंड गायब हो गई है। पिछले दो दिन से जारी हाड़ कंपाने वाली ठंड से राहत मिल गई। मौसम विभाग के अनुसार 18 दिसंबर तक राहत रहने वाली है। जम्मू कश्मीर से आ रही ठंडी बर्फीली हवा के चलते शहर ठंड की गिरफ्त में आ गया था। गत दिवस तापमान साढ़े पांच डिग्री सेल्सियस पर आ गया था।। इस कारण रात में हाड़ कंपाने वाली ठंड से शहर कांप रहा था, लेकिन अब राहत मिल चुकी है। सोमवार को दिन में अधिक तापमान भी 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मंगलवार को सुबह से ही बादल हैं इस कारण दिन के तापमान पर असर पड़ सकता है।
बादल छाने का कारण एक साथ बने दो सिस्टम
-वर्तमान में एक सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) जम्मू कश्मीर में सक्रिय हो चुका है। इस कारण जम्मू कश्मीर में बर्फबारी हो रही है, लेकिन अगले 48 घंटे में दूसरा नया सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) आ रहा है। इस कारण राजस्थान में चक्रवातीय घेरा बन गया है। हवा का रुख पश्चिमी हो गया है। पश्चिमी हवा आने से रात के तापमान में गिरावट थम जाएगी और तापमान बढ़ना शुरू हो जाएगा।
18 दिसंबर से फिर लौटेगी सर्दी
-पश्चिमी विक्षोभ का असर 17 दिसंबर तक रहने वाला है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने लगेगा और मौसम एक बार फिर बदलने लगेगा। मौसम के जानकारों की माने तो 18 दिसंबर के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। रात का पारा तो लुढ़केगा ही साथ ही दिन में भी ठंडी हवा चलने से शीतल दिन आ सकते हैं।
- 18 दिसंबर तक इसका असर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। उत्तरी हवाएं फिर से चलना शुरू होंगी। दो पश्चिमी विक्षोभ के कारण कश्मीर के निचले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जिसकी वजह से ज्यादा ठंडी हवा का आना शुरू होगा। 25 दिसंबर तक बारिश की भी संभावना नहीं है। आसमान साफ रहने की वजह से तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री नीचे दर्ज होगा। इस कारण शीत लहर का सामना करना पड़ सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
- रडार प्रभारी मौसम केन्द्र भोपाल वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 48 घंटे में नया पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है, जिससे राजस्थान में चक्रवातीय घेरा बन रहा है। इससे तापमान में अब गिरावट नहीं आएगी। 18 दिसंबर तक राहत रहेगी, उसके बाद 25 दिसंबर तक कोई सिस्टम नहीं है। इस कारण फिर से ठंड का नया दौर शुरू होगा।

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