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  • In Jail, The Rapist Ate 20 Sleeping Pills, The Condition Is Serious, When You Become Aware, You Will Find Out Why You Took This Step

ग्वालियर सेंट्रल जेल में खुदकुशी का प्रयास:अपहरण और दुष्कर्म के कैदी ने जेल अस्पताल में जाकर खा ली नींद की 20 गोलियां, उल्टियां करने पर चला पता; हालत गंभीर

ग्वालियर5 महीने पहले
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ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद अपहरण और दुष्कर्म के कैदी ने खुदकुशी का प्रयास किया। कैदी ने जेल अस्पताल में रखी नींद की 20 गोलियां गटक लीं। जब मामले का पता लगा तो हंगामा मच गया। जेल प्रबंधन ने आनन-फानन में उसे JAH (जयारोग्य अस्पताल) में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के संबंध में सेंट्रल जेल से मामले की सूचना बहोड़ापुर थाना को दिए जाने के बाद यह खबर बाहर आई है। शनिवार को पुलिस ने जांच की है। अभी कैदी बेहोश है।

सेंट्रल जेल में बरूआ थाना रावतपुरा निवासी रवि पुत्र अजमेर सिंह राजपूत सजा काट रहा है। रवि पर अपहरण कर दुष्कर्म का मामला दर्ज था। जिस पर उसे पांच वर्ष के कारावास की सजा मिली थी। वह भिंड से 8 जुलाई 2017 को केंद्रीय जेल शिफ्ट किया गया था। शनिवार दोपहर वह दवा लेने के लिए जेल में बने अस्पताल में पहुंचा। वहां रखी नींद की दवा लॉरोजीपम की 15 से 20 गोलियां खा लीं। मामले का पता उस समय चला, जब डॉक्टर ने वहां दवा नहीं देखी। इसके बाद रवि ने उल्टी करना शुरू कर दीं। पता चलते ही जेल में हड़कंप मच गया। अफसर भी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे एंबुलेंस की मदद से जेएएच में भर्ती कराया।

गंभीर है हालत, नहीं पता चला कारण

कैदी द्वारा नींद की गोलियां खाने से हालत बिगड़ गई। अभी भी वह बेहोशी की हालत में है। घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। शनिवार शाम जेल प्रबंधन से सूचना पर बहोड़ापुर थाना पुलिस भी जांच करने पहुंची है। कैदी के परिजन को भी सूचना दे दी गई है।

पैरामेडिकल का किया है कोर्स

घटना से सवाल उठता है कि बंदी को अस्पताल में किसने जाने दिया। खुलेआम उसे दवा कैसे मिल गई। इस पर जेल प्रबंधन का कहना है, आत्महत्या का प्रयास करने वाले बंदी रवि ने भोपाल में चार माह का पैरामेडिकल कोर्स किया है। इसी वजह से वह जेल के अस्पताल में डॉक्टर की मदद करता था। उसे मालूम था कि कौन सी दवा किस काम की है। इसका उसने गलत फायदा उठाया।

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