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  • In Mohana, The Body Of A Laborer Was Found In The Flowing Parvati River, No One Even Knew That It Was Submerged Three Days Ago.

बाढ़ का पानी उतरते ही मिला शव:मोहना में उफनती पार्वती नदी के बहाव में बहे एक मजदूर का शव मिला, तीन दिन पहले डूबा था किसी को पता भी नहीं था

ग्वालियर6 महीने पहले
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मोहना में इस तरह हाइवे से बह रहा था पानी, कुछ ही दूरी पर चराई गांव है जहां डूबा था मजदूर - Dainik Bhaskar
मोहना में इस तरह हाइवे से बह रहा था पानी, कुछ ही दूरी पर चराई गांव है जहां डूबा था मजदूर
  • कई लोग ऐसे हैं जो लापता है जिनका कुछ पता ही नहीं है

ग्वालियर के मोहना में पार्वती नदी का पानी उतरते ही एक शव नहर में उतराता मिला है। शव पास ही चराई गांव के एक मजदूर का है। न तो यह जिला प्रशासन के मृत की सूची में था न ही रेस्क्यू कर राहत कैंप पहुंचाने वाले रिकॉर्ड में इसका नाम था। इसका शव मिलने के बाद नदी के बहाव में बहकर डूबने का पता चला है।

तीन दिन पहले काम पर जाने की कहकर मृतक घर से निकला था। तभी से उसका कुछ पता नहीं था। परिवार के लोग भी गांव में नदी के चढ़ने पर अपनी जान बचाकर बैठे थे। मोहना थाना पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। 3 दिन पहले मोहना पुल पर कार सहित बहे दो दोस्तों में से एक का शव अभी तक नहीं मिला है।

मोहना थाना पुलिस को शुक्रवार सुबह सूचना मिली थी कि मोहना के चराई गांव में पार्वती नदी की नहर में एक शव उतराता हुआ देखा गया है। जिस पर थाना प्रभारी मोहना महेश शर्मा तत्काल टीम के साथ नहर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया। पहले पुलिस को लगा कि यह शव मोहना में तीन दिन पहले बहे दो दोस्त में से एक का होगा। क्योंकि हेमंत शिवहरे का शव अभी तक नहीं मिला है। पर शव को निगरानी में लेने के बाद पता लगा कि यह हेमंत नहीं है। आसपास पड़ताल करने पर मृतक की पहचान चराई गांव निवासी 50 वर्षीय लच्छीराम पुत्र रतन सिंह आदिवासी के रूप में हुई है। मृतक के बारे में पता लगा है कि वह मजदूर है। तीन दिन पहले जब मोहना में पार्वती नदी उफनी थी तब वह सुबह घर से काम पर जाने की कहकर निकला था। तभी से वह लापता था और परिजन ने शाम को उसके नहीं लौटने पर छानबीन की। इसके बाद नदी के पानी ने गांव में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए। लच्छीराम के परिजन खुद जान बचाने टापू पर चढ़ गए। तीन दिन बाद उसका शव चराई गांव की नहर में उतराता मिला है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।

उफनती नदी की चपेट में आकर डूबा मजदूर

  • पुलिस अफसरों का मानना है कि तीन दिन पहले मतलब 3 अगस्त को अचानक मोहना में पार्वती नदी का जल स्तर बढ़ने पर वहां बाढ़ के हालात बन गए थे। उसी समय लच्छीराम आदिवासी बहाव की चपेट में आकर बह गया होगा। अब जब पानी उतरा है तो उसका शव फूलकर ऊपर आ गया है।

दो दोस्त डूबे थे एक का अभी तक नहीं पता

  • इसी दिन 3 अगस्त को मोहना में पानी का बहाव तेज होने और पुलिया के ऊपर से पानी गुजरने को देखने निकले मोहना बाजार निवासी दो दोस्त हेमंत शिवहरे और मोनू राठौर भी बहाव की चपेट में आकर बह गए थे। मोनू का शव 4 अगस्त की दोपहर कार सहित पुलिया के पास मिल गया था, लेकिन हेमंत का अभी तक कुछ पता नहीं है।

ऐसे और भी हो सकते हैं लापता

  • नदियों का पानी गांव और कस्बों से उतरने के बाद यह पहला शव है जो मिला है। यह वह मौत है जो किसी रिकॉर्ड में नहीं थी। जैसे-जैसे पानी उतर रहा है। आशंका है कि इस तरह के और अनजान शव मिल सकते हैं। क्योंकि कई लोग लापता हैं।
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