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  • In October, The Number Of Infected Patients, 67 On Average Daily, Decreased, But The Mosque And Distance Were Still Necessary To Avoid The Second Wave.

कोरोना:अक्टूबर में औसतन रोज मिल रहे 67 मरीज, संक्रमितों की संख्या घटी, लेकिन दूसरी लहर से बचने के लिए मॉस्क और दूरी अभी भी जरूरी

ग्वालियर8 महीने पहले
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  • अब त्योहारों व शादी समारोहों की रहेगी धूम, मौसम में बढ़ेगी ठंडक, दोनों ही स्थिति संक्रमण के लिए उपयुक्त
  • जुलाई में रोजाना औसतन 62, अगस्त में 119, सितंबर में 178 पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो यह पीक के बाद की स्थिति है। संक्रमण का उतार होने के कारण संक्रमिताें की संख्या में कमी आ रही है। यदि आने वाले दिनों में लोगों ने सावधानी बरती तो शहर से कोरोना संक्रमण को खत्म किया जा सकता है और यदि लापरवाही बरती तो संक्रमण की दूसरी लहर देखने को मिलेगी।

यहां बता दें कि जुलाई में हर रोज औसतन 62 से ज्यादा और अगस्त में हर रोज 119 से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे। जबकि सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 178 पहुंच गया था। लेकिन अक्टूबर में फिलहाल औसतन रोज 67 मरीज ही मिल रहे हैं।

लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है
शहर में संक्रमण का पीक आकर जा चुका है। कई लोगों की एंटीबॉडी टेस्ट की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई, उनमें संक्रमण के लक्षण नहीं आए थे। अब कह सकते हैैं कि लोगों में हर्ड इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) डवलप हो रही है। मास्क पहनने व डिस्टेंसिंग का पालन करने से हम संक्रमण की दूसरी लहर को आने से रोक सकते हैं।

-डाॅ. मनोज कौरव, जिला स्वास्थ्य अधिकारी

आने वाले समय में बचाव की बहुत जरूरत
सर्दी पड़ेगी तो भी संक्रमण फैलने की आशंका काफी बढ़ जाएगी। अब त्योहार, शादी समारोह का भी आयोजन होगा। जहां काफी संख्या में लोग एकत्रित होंगे। ऐसे में सावधानी नहीं बरती गई तो फिर से कोरोना आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

-डाॅ. एके दीक्षित, संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य विभाग

मास्क-सेनिटाइजर का करें उपयोग तो दोबारा नहीं बढ़ेगा संक्रमण

कोरोना में पीक किसे कहते हैं?
किसी भी बीमारी का चरम पर पहुंचाना पीक कहलाता है। कुछ समय तक बड़ी संख्या में पॉजिटिव केस मिलने के बाद जब संख्या में कमी आने लगती है, तब हम ये मानते हैं कि पीक आकर चला गया है।
पीक के बाद केस कम क्यों होने लगे हैं?
जो लोग काम या किसी अन्य कारणों से घरों से बाहर जाते हैं, वे लोग ही सबसे ज्यादा संक्रमित होते है। बाद में इन लोगों के संपर्क में आने वाले लोग भी संक्रमण की चपेट में आते हैं। धीरे-धीरे संक्रमितों के दायरे में आने वाले अधिकांश लोग पॉजिटिव होते जाते हैं, इसलिए पीक के बाद केस कम होने लगते हैं।
क्या ये संभव है कि कोरोना की दूसरी वेव आए ही नहीं?
दूसरी वेव नहीं आए, यह तभी संभव होगा जब हम सावधानी बरतेंगे। केस कम होने पर भी मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और समय-समय पर हाथ को साफ करें।

-जैसा आईसीएमआर के साइंटिस्ट डाॅ. लोकेश शर्मा ने भास्कर को बताया

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