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  • In The Greed Of Getting The Money Buried In The Kali Mata Temple, The Miscreants Kept Digging The Pit For 5 Hours By Holding The Priests Hostage, If Nothing Was Found, They Ran Away After Looting 5 Thousand Rupees.

खजाने के लालच में खोद डाला मंदिर, लूट:ग्वालियर में काली माता मंदिर में घुसे बदमाश, 2 पुजारियों के हाथ-पैर बांधे; बंधक बनाकर 5 घंटे खुदाई की, कुछ नहीं मिला तो 5 हजार रुपए लूटकर भागे

ग्वालियर6 दिन पहले
तिघरा स्थित काली मंदिर में गड़ा धन के लालच में बदमाशों ने मंदिर ही खोद डाला।

ग्वालियर में लूट करने मंदिर में घुसे बदमाशों को पता लगा कि मंदिर में मूर्तियों के नीचे वर्षों पुराना खजाना छिपा है। बदमाशों ने मंदिर के दोनों पुजारियों को 5 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इसके बाद पूरा मंदिर खोद डाला।।

कुछ नहीं मिला तो बदमाश पुजारी से 5 हजार रुपए लूट कर भाग गए। घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात तिघरा के दुगनावली गांव स्थित काली मंदिर की है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मंदिर की स्थिति देख पुजारियों को मुक्त कराया। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया है। मंदिर से तीन से चार मूर्तियां भी गायब हैं।

खुदा पड़ा मंदिर। अफवाह थी कि मंदिर में सालों पुराना खजाना छुपा है।
खुदा पड़ा मंदिर। अफवाह थी कि मंदिर में सालों पुराना खजाना छुपा है।

तिघरा में पंचा का पुरा निवासी कप्तान भगत पास ही दुगनावली काली माता मंदिर में पुजारी हैं। उनके साथ में मुंशी भगत भी हैं। शनिवार रात दोनों मंदिर में सो रहे थे। मंदिर के बारे में बता दें कि यह काफी पुराना काली माता का मंदिर है। आसपास के कई गांवों में अफवाह है कि मंदिर में जहां भगवान की मूर्तियां स्थापित हैं, वहां खजाना छिपा है। इसी सिलसिले में शनिवार-रविवार दरमियानी रात 12 बजे करीब 10 से 12 बदमाश मंदिर में वारदात की नीयत से दाखिल हुए।

बदमाशों ने पुजारी कप्तान और मुंशी भगत को बंधक बना लिया। इसके बाद मंदिर में खुदाई शुरू कर दी। जहां-जहां मूर्तियां स्थापित थीं, वहां बदमाशों ने करीब 3 से 4 फीट तक खुदाई की। करीब 5 घंटे तक खुदाई के बाद भी जब कुछ नहीं मिला, तो उन्होंने गुस्से में सुबह पुजारी की जेब में रखे 5 हजार रुपए लूटे और भाग गए।

लोगों ने कराया बाबा को मुक्त
रविवार सुबह जब गांव के लोग मंदिर पहुंचे, तो हैरान रह गए। मूर्तियों के पास गड्‌ढे खुदे पड़े थे। अंदर कमरे में पहुंचे, तो वहां दोनों पुजारी हाथ पैर बंधे पड़े थे। पहले लोगों ने पुजारियों को मुक्त कराया। मामले की सूचना तिघरा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। मंदिर में गड्‌ढा और मिट्‌टी हर तरफ बिखरे पड़े थे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मार-मार तोड़ दिया दांत
मारपीट के दौरान पुजारी मुंशी भगत ने विरोध भी किया था। दो बदमाशों ने उनके हाथ पैर बांधकर मुंह में 8 से 10 घूंसे मारे थे। इससे उनके दांत टूट गए हैं। मंदिर से चार मूर्ति भी गायब हैं।आरोपी मूर्ति चोरी कर ले गए या फिर मिट्टी में दब गईं। मूर्तियों का पता लगाने के लिए ग्रामीण मिट्टी को गड्ढे में भरने में लग गए। दोपहर तक मूर्तियों का पता नहीं चला था। यह मूर्तियां प्राचीन और पत्थर की हैं।

यह था बदमाशों का हुलिया
पुजारियों के अनुसार 10 से 12 बदमाश थे। सभी की उम्र 30 से 40 साल के करीब बताई गई है। कद काठी से भी सामान्य थे। सभी ने चेहरे साफी से ढंके हुए थे, इसलिए उनके चेहरे नहीं दिखे हैं। बातचीत से गांव की ही भाषा बोल रहे थे।

तिघरा थाना प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि मंदिर में खुदाई की है। पुजारियों को बांधा गया है। मामले की जांच की जा रही है। गड़ाधन के लालच में बदमाश आए थे। बदमाश आसपास के गांव के लोग ही हो सकते हैं। क्योंकि इसी गांव के लोगों को अंधविश्वास है कि मंदिर में गड़ा धन है।

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