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मासूम के कुचलने का मामला:52 फीसदी की राय-ड्राइवर के साथ हेल्पर रहे मुस्तैद, 31 प्रतिशत का मानना गाड़ी आए तो रखें बच्चों का ध्यान

ग्वालियर3 महीने पहले
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हादसे के बाद पोल में लोगों ने दी अपनी राय - Dainik Bhaskar
हादसे के बाद पोल में लोगों ने दी अपनी राय

ग्वालियर में शनिवार सुबह 2 साल की मासूम बच्ची की कचरा कलेक्शन वाहन से कुचलने के कारण मौत हो गई थी। इस हादसे के LIVE VIDEO सोशल मीडिया पर सामने आए थे। दैनिक भास्कर ने भी इस हादसे से जुड़े वीडियो को सतर्कता के लिहाज से जारी कर तीन सवाल उठाए थे। जिस पर लोगों ने मुखर होकर अपनी राय भी दी है। पोल में 52 फीसदी लोगों की राय है कि गाड़ी में ड्राइवर के साथ मौजूद रहे हेल्पर को मुस्तैद रहना चाहिए।

ज्यादातर लोगों का यही सोचना है, जबकि पोल में 31 प्रतिशत का कहना है कि जब कचरा कलेक्शन गाड़ी आए, तब देखें बच्चे घर से बाहर न निकलें। इसके साथ ही 17 फीसदी लोगों का मानना है कि हाथ-गाड़ी से इकट्ठा कचरा कॉलोनी के बाहर गाड़ी में रखें। मतलब गाड़ी कॉलोनी में अंदर न आए। कुल मिलाकर लोगों की स्पष्ट राय है कि नगर निगम का अमला मुस्तैद नहीं था। यही वजह रही है कि निगम आयुक्त ने आरोपी वाहन चालक व हेल्पर दोनों को नौकरी से निकाल दिया है।

इस तरह हुआ था हादसा, जिसमें इस मासूम की कुचलकर मौत हो गई थी
इस तरह हुआ था हादसा, जिसमें इस मासूम की कुचलकर मौत हो गई थी

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यह है पूरा मामला
शहर के कैलाश टॉकीज गंगवाल कोठी के पास मल्टी में रहने वाले आशीष उर्फ अंशुल अग्रवाल व्यवसायी हैं। सराफा बाजार में उनकी ज्वेलरी शॉप है। आशु की दो बेटियां अभव्या (5) और कायू उर्फ काम्या अग्रवाल (2 साल) हैं। कायू की शनिवार सुबह हादसे में दर्दनाक मौत हुई है। शनिवार सुबह नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाहन घर के दरवाजे पर खड़ा था। कायू की मां नेहा कचरा फेंकने के लिए आई थीं। उनके साथ में बेटी भी आ गई। उन्होंने वाहन में कचरा डाला और अंदर जाने लगीं। पर मासूम कायू कब पैदल-पैदल चलकर कचरा कलेक्शन वाहन के ड्राइवर साइड वाले पहिए के पास आकर खड़ी हो गई किसी को पता ही नहीं चला। कचरा लेने के बाद कलेक्शन वाहन के चालक साजिद खान ने गाड़ी आगे बढ़ा दी।

पहले पहिए से टकराकर मासूम नीचे गिरी और पहला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। जैसे ही बच्चे के रोने की आवाज और चालक को लगा कि कुछ पहिए के नीचे आया है उसने गाड़ी को रोका, लेकिन तब तक पिछला पहिया भी उसके ऊपर से गुजर गया था। जब तक वाहन रोककर युसूफ उतरा बच्ची तड़प रह थी। उसे देखकर तत्काल परिजन घबरा गए। आरोपी वाहन चालक ने बच्ची को उठाकर उसकी मां की गोद में दिया और उसी गोद में उसने दम तोड़ दिया।
नगर निगम ने दोनों कर्मचारियों को नौकरी से हटाया
बच्ची के कचरा कलेक्शन वाहन से कुचलने और मौत हो जाने के मामले को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। नगर निगम के उपायुक्त अतिबल सिंह आर्थिक सहायता लेकर बच्ची के परिजन के पास पहुंचे थे, लेकिन परिजन ने आर्थिक सहायता को ठुकरा दिया था। परिजन का कहना था कि उनकी बेटी के मौत के जिम्मेदारों पर एक्शन लिया जाए। जिसके बाद नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर कचरा कलेक्शन वाहन के चालक साजिद खान उर्फ युसूफ और हेल्पर हरिओम को नौकरी से हटा दिया गया है।
मां को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि बेटी नहीं रही
घटना को 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है। मासूम कायू का अंतिम संस्कार भी हो गया है, लेकिन उसकी मां नेहा को अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि उसकी मासूम बेटी यह दुनिया छोड़कर चली गई है। मां का दिल अभी कह रहा है कि वह यहीं कहीं है। नेहा 24 घंटे से रोई जा रहीं हैं। परिजन उनको समझा रहे हैं। जहां कायू रोज खेला करती थी वहां आज खामोशी छाई हुई है।