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कोरोना से पुलिसकर्मी की मौत:लोगों को बचाते-बचाते खुद हुए संक्रमित, 15 दिन तक मौत से किया संघर्ष पर हार गई जिंदगी

ग्वालियर6 महीने पहले
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कोरोना योद्धा हरवीर सिंह की 15 दिन पहले रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी। - Dainik Bhaskar
कोरोना योद्धा हरवीर सिंह की 15 दिन पहले रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।

ग्वालियर में कोरोना से एक पुलिसकर्मी हरवीर सिंह की मौत हो गई। वह लगातार लोगों को संक्रमण से बचाने ड्यूटी कर रहे थे। 15 दिन पहले खुद संक्रमित हो गए। इन 15 दिन में उन्होंने मौत से कड़ा संघर्ष किया। तीन अस्पताल भी बदले, लेकिन डॉक्टर उसकी जिंदगी नहीं बचा सके। शुक्रवार सुबह पुलिसकर्मी ने दम तोड़ दिया।

जिले के बेहट सर्कल स्थित बिजौली थाना के कांस्टेबल आरक्षक हरवीर सिंह यादव 15 दिन पहले कोरोना वायरस की चपेट में आए थे। उनको हल्की सी गले में खराश हुई थी। टेस्ट कराया तो पॉजिटिव आए। वायरस का असर इतना तेज था कि दो दिन में उनको पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। परिजन ने तत्काल एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

यहां हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल मुरार में भर्ती कराया। यहां मामूली सुधार के बाद अच्छी सुविधा के लिए फिर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां शुक्रवार सुबह हरवीर सिंह ने अंतिम सांस ली। हरवीर असली कोरोना योद्धा था, क्योंकि संक्रमित होने से पहले तक वह लगातार संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए काम कर रहा था। लोगों को जागरूक करना, पुलिस मोबाइल में अनाउंसमेंट करना आदि । उसकी मौत की खबर के बाद पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।

एक महीने से बेटी से नहीं मिला था

हरवीर सिंह के परिवार में उसकी एक बेटी, पत्नी व बुजुर्ग मां-पिता हैं। सभी जिम्मेदारी हरवीर के युवा कंधों पर थी। मौत से एक महीने पहले से वह अपनी बेटी तक से नहीं मिले थे। संक्रमित आने के 15 दिन पहले से ही उसने परिवार और बेटी से दूरी बना ली थी। वह ड्यूटी कर घर लौटते थे तो खुद को घर से अलग रूम में रखते थे। वहीं खाना खाने के बाद वहीं से फिर ड्यूटी पर निकल जाते, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह इस तरह चले जाएंगे।

नहीं लग पाया था वैक्सीन का दूसरा डोज

हरवीर सिंह को वायरस ने इसलिए भी घेर लिया कि वह वैक्सीन के दोनों डोज नहीं ले पाए थे। जब फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लग रही थी तब उसने काम की व्यस्तता के चलते वैक्सीन नहीं लगवाई थी। अभी 7 अप्रैल को उसने वैक्सीन का पहला डोज लिया था, लेकिन वह दूसरा डोज ले पाते उससे पहले ही संक्रमण ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

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