साइबर ठगी:250 में से 80 मामलों में नौकरी व लाॅटरी का झांसा देकर ठगे बेरोजगार

ग्वालियर9 महीने पहलेलेखक: अमित मिश्रा
  • कॉपी लिंक
प्रतिकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतिकात्मक फोटो
  • 50 साल से ज्यादा के लाेग डेटिंग एप और सोशल मीडिया पर दोस्ती के चक्कर में ठगे गए

बेरोजगार युवक-युवतियां साइबर अपराधियों के साॅफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं। शहर के जिन लोगों के साथ साइबर अपराधियाें ने ठगी की वारदातें कीं, उनमें से 32 प्रतिशत युवा हैं, जिन्हें नौकरी और लॉटरी का झांसा देकर ठगा गया।

जबकि डेटिंग एप और सोशल मीडिया पर दोस्ती के चक्कर में फंसकर लाखों रुपए गंवाने वालों में सबसे ज्यादा वह लोग हैं, जिनकी उम्र 50 साल से अधिक है। यह खुलासा साइबर क्राइम की शिकायतों का विश्लेषण करने पर हुआ। दैनिक भास्कर ने क्राइम ब्रांच, राज्य सायबर सेल और अलग-अलग थानों में की गई 250 शिकायतों का विश्लेषण किया।

इससे पता चला कि 125 मामले ऐसे हैं, जिनमें क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज हुई। 37 मामलों में राज्य सायबर सेल ने केस दर्ज किया और 88 शिकायतें शहर के अलग-अलग थानों में पहुंची। फरवरी 2020 से फरवरी 2021 तक दर्ज हुईं साइबर ठगे के 250 मामलाें के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि 18 से 25 साल की उम्र वाले बेरोजगार युवा और 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोग साइबर अपराधियों के सॉफ्ट टारगेट हैं।

18 से 25 वर्ष: नाैकरी व लाॅटरी का लालच

250 में से 80 घटनाएं बेरोजगारों के साथ हुईं। इनमें से 65 लोगों ने ऑनलाइन नौकरी सर्च की तो रजिस्ट्रेशन व अन्य शुल्क के नाम पर रुपए जमा कराए गए। ठगों ने इन्हें जॉइनिंग व ऑफर लैटर दिया।

50 से 60 वर्ष: डेटिंग एप के नाम पर 27 ठगी

डेटिंग एप व सोशल मीडिया पर विदेशी से दोस्ती के चक्कर में 50 से 60 वर्ष की उम्र के लोग ठगे गए। ऐसी 27 घटनाएं हुईं, इनमें महिला वकील, रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी तक शामिल हैं। 11 मामलों में 50 से कम उम्र वाले ठगे गए। इन्हें ओटीपी पूछकर, डेबिट और क्रेडिट कार्ड एक्सपायरी होने का झांसा देकर ठगा गया।

30 से 50 वर्ष: सस्ते सामान का लालच दिया

75 एफआईआर हुईं। इसमें सरकारी कर्मचारी, रिटायर्ड फौजी और जज तक शामिल हैं। इनमें से 17 मामलों में छात्र सस्ता सामान खरीदने के चक्कर में ठगे गए। 5 लोग सिर्फ आईफोन खरीदने के चक्कर में फंस गए।

युवती व महिलाएं: अनजान से दोस्ती महंगी पड़ी

25 मामले ऐसे हैं, जिसमें युवती और महिलाएं सोशल मीडिया पर अनजान से दोस्ती कर फंसी। इनके साथ ठगी हुई, दुष्कर्म तक की घटनाएं हुईं। कई महिलाओं को ब्लैकमेल कर फोटो वायरल किए गए।

ये सावधानी जरूरी: तभी इन अपराधियों से बचेंगे

  • किसी अनजान से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें।
  • कोई कंपनी या संस्थान नौकरी के नाम पर पैसा पहले जमा नहीं कराते। इस तरह की गलती करने से बचें। ऐसे ठग फर्जी वेब पेज भी बना लेते हैं।
  • फोन पर ओटीपी, डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, आधार कार्ड और खाता नंबर न बताएं।
  • एसएमएस में दी गई लिंक या नंबर पर संपर्क न करें। इस लिंक से ठग मोबाइल, ई वॉलेट हैक कर लेते हैं।

-जैसा सायबर सेल के एसपी सुधीर अग्रवाल ने बताया।

खबरें और भी हैं...