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कलेक्ट्रेट के चक्कर में उलझी कैनेडियन बहू:ग्वालियर से सवा साल बाद भी नहीं बना मैरिज सर्टिफिकेट; 3 बार आई पर इंडियन पति को नहीं ले जा सकी

ग्वालियर5 महीने पहले

ग्वालियर में दो प्यार करने वालों के मिलन में कुछ कागज रोड़ा बन गए हैं। यह लव स्टोरी गोहद भिंड में रहने वाले शेफ और कनाडा की इंजीनियर की है। उन्होंने शादी कर ली। उनकी एक बेटी भी है, लेकिन तीनों साथ नहीं रह पा रहे हैं। ग्वालियर कलेक्ट्रेट से मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बनने के कारण कैनेडियन महिला अपने इंडियन पति का स्पाउस वीजा नहीं बनवा पा रही है। ऐसे में वह अब तक उन्हें अपने साथ नहीं ले जा सकीं। उनका कहना है कि कलेक्ट्रेट के बाबू एक साल से गुमराह कर रहे हैं। कैनेडियन महिला ने एक बाबू पर 10 हजार रुपए मांगने का भी आरोप लगाया है। जब रुपए नहीं दिए तो हर बार कोई न कोई डॉक्यूमेंट की डिमांड कर एक साल से मैरिज सर्टिफिकेट लटकाए हुए हैं। इस दौरान महिला इंजीनियर 9 लाख रुपए खर्च कर चुकी है। नाराज महिला ने सोमवार शाम को कलेक्ट्रेट में हंगामा खड़ा कर दिया है।

कलेक्ट्रेट में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए गुहार लगाने बैठे कैनेडियन इंजीनियर और उनका पति।
कलेक्ट्रेट में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए गुहार लगाने बैठे कैनेडियन इंजीनियर और उनका पति।

यह है पूरा मामला
ग्वालियर के पास गोहद (भिंड) निवासी नवजोत सिंह रंधावा (26) शेफ हैं। इससे पहले वह रूस के एक बड़े होटल में शेफ हुआ करते थे। यहां उनकी मुलाकात अपनी एक रिश्तेदार के जरिए भारतीय मूल की कैनेडियन अनुप्रीत कौर (40) से हुई थी। सोशल मीडिया पर दोनों की दोस्ती हुई। अनुप्रीत बीते 20 साल से कनाडा में अपनी नानी के साथ रह रही हैं। वह कनाडा की बेथम ब्रेक कंपनी में बतौर प्रोडक्शन इंजीनियर पदस्थ हैं। पहले पति से उनका तलाक हो चुका है। नवजोत सिंह रंधावा उम्र में उनसे काफी छोटे हैं, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे को अपने लिए चुना। दोनों परिवारों को भी रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी, इसलिए ग्वालियर के किला स्थित गुरुद्वारा दाताबंदी छोड़ पर 7 नवंबर 2020 में दोनों की अरेंज मैरिज हुई। गुरुद्वारा से सर्टिफिकेट भी मिल गया। इसके बाद कपल ने ग्वालियर के कलेक्ट्रेट में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए एप्लाई किया। बस यहीं से उनके खुशहाल जीवन में परेशानियां शुरू हो गईं। इस दौरान अनुप्रीत ने एक बेटी को भी जन्म दिया। वहां कनाडा में बेटी के बर्थ सर्टिफिकेट पर भी पिता के नाम पर नवजोत सिंह का नाम है, पर यहां का प्रशासन मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बना रहा है।

विवाह के बाद नवजोत और अनुप्रीत।
विवाह के बाद नवजोत और अनुप्रीत।

मैरिज सर्टिफिकेट न मिलने से अटका है स्पाउस वीजा
कपल का आरोप है कि नवंबर 2020 में ही अनुप्रीत और नवजोत ने कलेक्ट्रेट में मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक बाबुओं और अफसरों ने उनका मैरिज सर्टिफिकेट बनाकर नहीं दिया है। जिस कारण महिला अपने पति का स्पाउस वीजा नहीं बनवा पा रही है। कलेक्ट्रेट में कभी कोई दस्तावेज मांगते हैं तो कभी कोई। पति अपने सारे दस्तावेज दे चुका है। महिला कैनेडियन एम्बेसी से सारे दस्तावेज ला चुकी है। इसके बाद भी लगातार कमियां निकाली जा रही हैं।

नवजोत और अनुप्रीत।
नवजोत और अनुप्रीत।

10 हजार रुपए नहीं दिए तो 9 लाख रुपए खर्च करा दिए
अनुप्रीत कौर का आरोप है कि जब मैरिज सर्टिफिकेट के लिए एप्लाई किया था तो एक एडीएम के बाबू ने 10 हजार रुपए की डिमांड की थी। जो उन्होंने नहीं दिए तो उन्हें बाबू परेशान कर रहा है। बाबू का नाम नीरज शर्मा बता रही हैं। अनुप्रीत कौर का कहना है कि वह मैरिज सर्टिफिकेट के लिए तीन बार इंडिया आ चुकी हैं। इस पर 9 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं।
कनाड़ा की NOC, अर्जेंटीना जैसी चाहिए कर रहे परेशान
अनुप्रीत कौर ने आरोप लगाया है वह कैनेडियन एम्बेसी से NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लाई है। ग्वालियर कलेक्ट्रेट के ई-मेल पर यह NOC आई है। यहां के बाबू इसके बाद भी मैरिज सर्टिफिकेट देने को तैयार नहीं हैं। बाबू अर्जेंटीना की NOC दिखाकर कनाडा से उसी फॉर्मेट में NOC बनवाकर लाने बात कह रहे हैं। अनुप्रीत बार-बार कह रही हैं कि कनाडा के अपने अलग नियम हैं और अर्जेंटीना के अलग। दोनों एक तरह से कैसे काम कर सकते हैं। अनुप्रीत का कहना है कि अब तो उसे डर लगने लगा है कि वह अपने पति को कनाडा ले भी जा पाएंगी या नहीं।
कलेक्टर का कहना
यह मामला अभी तक मेरे सामने नहीं आया था। अभी सामने आया है तो मैं दिखवा लेता हूं कि कहां क्या परेशानी आ रही है। जल्द मामले को सुलझा लिया जाएगा।
कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, कलेक्टर ग्वालियर

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