चप्पल से मिला हत्या का क्लू...:नशे में मामूली कहासुनी पर दोस्त को मार डाला, एक महीने तक ढूंढ़ने का करता रहा नाटक

ग्वालियर4 महीने पहले
हत्या करने वाला जितेन्द्र पाल, पहले यह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब क्लू मिलते गए तो हत्या कुबूली
  • जनकगंज में पुलिस ने किया हत्या का खुलासा

ग्वालियर में एक केले के पेड़ पर टंगी चप्पल ने एक महीने से छुपी हत्या का खुलासा कर दिया है। चप्पल से पुलिस को हत्या का क्लू मिला। इसके बाद नाले से एक कंकाल मिला। कंकाल पर एक अंडरवियर से मृतक की पहचान होते ही पुलिस ने उसके एक दोस्त को थाने बुला लिया। दोनों अक्सर बैठकर नशा करते थे और जुआ खेलते थे। 19 जुलाई को नशे के बाद मामूली कहासुनी पर दोस्त ने ही 22 वर्षीय आरिश खान का सिर दीवार में दे मारा था।

इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या की फिर छत से नाले में उसका शव फेंक दिया। आरोपी जितेन्द्र पाल एक महीने तक आरिश के परिजन के साथ उसको तलाशने का नाटक करता रहा। आरोपी यह समझ रहा था कि एक महीना हो गया है अब वह कभी नहीं पकड़ा जाएगा, तभी मृतक की चप्पल केले के पेड़ पर टंगी दिखी तो हत्या का क्लू मिला और पुलिस ने खुलासा कर दिया।

यहां से मिला था पुलिस को पहला क्लू
यहां से मिला था पुलिस को पहला क्लू

यह है पूरा मामला
जनकगंज हारकोटासीर निवासी 22 वर्षीय आरिश खान 19 जुलाई से लापता था। वह पेशे से मजदूर था और आखिरी बार अपने दोस्त के यहां जाने की कहकर निकला था, लेकिन इसके बाद वह लौटा ही नहीं। परिजन ने 21 जुलाई को उसकी गुमशुगदी जनकगंज थाने में दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस व परिजन उसे तलाश रहे थे। परिजन को शुरू से ही उसके दोस्त जितेन्द्र पाल पर संदेह था। जितेन्द्र और आरिश हमेशा साथ रहते थे। साथ में नशा करना और जुआ खेलने के आदी थे। करीब एक महीने से परिवार उसे तलाश रहा था। पर गुरुवार को हारकोटासीर इलाके में केले के पेड़ पर एक चप्पल लटकी हुई दिखाई दी। यह चप्पल आरिश ने आखिरी समय घर से निकलते समय पहनी थी। यह परिजन को दिखी तो इसके बाद परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पास ही नाले में झांककर देखा तो एक कंकाल फंसा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने कंकाल को बाहर निकलवाया तो चेहरा और शरीर कुछ नहीं बचा था, लेकिन कंकाल जो अंडरवियर पहने था उससे शव की पहचान आरिश के रूप में हुई है। यह अंडरवियर आरिश के भाई की थी जिसे उस दिन आरिश ने पहनी थी। इसके बाद पुलिस ने पता किया तो जिस मकान के पीछे नाला था वह मृतक के दोस्त जितेन्द्र का था। जिस पर उसे तलब किया गया। जिस पर उसने हत्या करना कुबूल कर लिया।
ऐसे हुआ हत्या का खुलासा
सीएसपी मुनीष राजौरिया ने बताया कि आरिश की जितेंद्र पाल से दोस्ती थी। दोनों साथ में जुआ खेला करते थे। बीते 19 जुलाई को जितेंद्र के हरकोटाशील स्थित मकान में आरिश की शराब पार्टी हुई। शराब पीने के बाद किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया, जिसके बाद जितेंद्र ने आरिश का सिर दीवार में मारकर और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव मकान की छत से नाले के चेंबर में फेंक दिया। आरिश खान की कॉल डिटेल से पहला क्लू मिला कि आखिरी बार आरिश ने अपने मोबाइल से 19 जुलाई को जितेंद्र से ही बात की थी। इस आधार पर पहली बार जितेंद्र को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। जितेंद्र बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा। जितेंद्र के मकान हैं लेकिन उसने पुलिस को गोल पहाड़िया, श्रीराम कॉलोनी स्थित मकानों के बारे में ही बताया लेकिन हरकोटाशील स्थित मकान की जानकारी छिपा गया। आरिश के परिजनों को भी जितेंद्र पर ही संदेह था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी जितेंद्र ने अपने तीसरे मकान की भी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद मामले का खुलासा हो सका। मौके पर फोरेसिंक टीम को भी बुलाया गया। कंकाल की पहचान के लिए पुलिस अभी डीएनए टेस्ट भी कराएगी। फिलहाल आरोपी जितेंद्र पाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।