• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Lawyer's Notice To Collector SP, Instead Of Covering The Plaque, The Administration Only Put Tin

सम्राट मिहिर भोज की नाम पटि्टका का विवाद:कलेक्टर-एसपी को वकील का नोटिस, पट्टिका ढंकने की बजाय प्रशासन ने सिर्फ टीन लगाई

ग्वालियर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मिहिर भोज प्रतिमा मामले में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह एवं एसपी अमित सांघी को अवमानना नोटिस भेजा गया है। बृजराज सिंह तोमर ने एडवोकेट ह्रदेश सोनी के माध्यम से ये नोटिस भेजकर कहा है कि हाईकोर्ट ने प्रतिमा स्टैंड में लगी पटि्टका को ढंकने के आदेश दिए थे।

लेकिन प्रशासन ने ऐसा न करते हुए टीन लगा दी हैं, जिससे वह पटि्टका स्पष्ट रूप से दिख रही है। नोटिस में कहा गया है कि टीन की प्रक्रिया को देखकर लग रहा कि प्रशासन एक वर्ग विशेष का साथ देना चाहता है। यदि हाईकोर्ट के आदेश का पालन नोटिस मिलने पर नहीं किया गया तो इसे हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

उधर, विवाद से संबंधित ऐतिहासिक तथ्य प्रस्तुत करने के लिए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा बुधवार काे पत्रकार वार्ता करेगी। इसमें क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री राजेंद्र सिंह भदौरिया, क्षत्रिय महासभा समाज मोर्चा संयोजक सुरेंद्र सिंह द्वारा जानकारी दी जाएगी। वहीं अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के उपाध्यक्ष अलबेल सिंह घुरैया का कहना है कि उनके इस संबंध में जो भी तथ्य हैं, उन्हें वह जांच कमेटी के सामने रखेंगे।

क्षत्रिय महासभा ने साैंपा ज्ञापन, कहा- पट्टिका पर जाति लिखवाने वाले पर एफआईआर दर्ज कराएं

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा संयुक्त मोर्चा ने निगमायुक्त किशाेर कान्याल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि निगम के ठहराव क्रमांक-55, 14 दिसंबर 2015 में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकार किया गया था। उसमें कहीं भी जाति का उपयोग नहीं किया गया।

निगम के किसी अधिकारी ने षड्यंत्रपूर्वक गुर्जर शब्द लिखवाया है। इसकी जांच कर उक्त अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। ज्ञापन देने पहुंचे अशोक भदौरिया, एमपी सिंह, रामकुमार सिंह सिकरवार, गोपाल सिंह तोमर, रघुराज सिंह तोमर और सचिन सिंह कुशवाह ने आयुक्त से कहा है कि तीन दिन में दोषी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर कराई जाए नहीं, तो इस प्रकरण को लेकर न्यायालय की शरण ली जाएगी।

भदौरिया का जवाब- मैंने किसी को नहीं भड़काया

मामले में नगर निगम के नोडल अधिकारी राजेंद्र सिंह भदौरिया काे नाेटिस दिया गया है। भदाैरिया ने मंगलवार काे निगमायुक्त किशाेर कन्याल काे जवाब दिया। इसमें उन्हाेंने कहा है कि आरोप पूर्णत: असत्य और निराधार है। मेरे द्वारा हमेशा शासन, प्रशासन का सहयोग किया गया है। चाहे गोले का मंदिर की घटना हो या अन्य बैठकें। मैंने किसी भी माध्यम से किसी वर्ग के समर्थन में भड़काने वाले कंटेट शेयर नहीं कराए हैं। मैं महासभा का राष्ट्रीय महामंत्री होकर समाज सेवा का कार्य शासकीय कर्तव्य के साथ कर रहा हूं।

कमेटी की बैठक नहीं हुई, 4 तक साैंप सकते हैं प्रमाण

पट्टिका विवाद के निपटारे के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी संभागीय कमिश्नर की अध्यक्षता वाली कमेटी की अब तक एक भी बैठक नहीं हाे सकी है। कमेटी में शामिल इतिहासकार, संभागीय कमिश्नर, आईजी अाैर एसडीएम सभी ने बंद लिफाफे में हाईकोर्ट के समक्ष ही कमेटी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है। एसडीएम अनिल बनवारिया ने बताया कि 4 अक्टूबर तक कमेटी के समक्ष जागरुक लोग जो प्रमाण या साक्ष्य प्रस्तुत कर देंगे, हम उसे रिपोर्ट में लेंगे।

खबरें और भी हैं...