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  • Liquor Became Cheaper In Madhya Pradesh From Today, Now Liquor Will Be Available At 20% Less Than MRP

सुरा प्रेमियों को तोहफा...:मध्यप्रदेश में आज से सस्ती हुई शराब, अब MRP से 20% तक कम रेट पर मिलेगी मदिरा

ग्वालियर3 महीने पहले
31मार्च की रात को शराब दुकानों प
  • - एक ही दुकान से देशी-विदेशी शराब बिकेगी

एक अप्रैल से कई चीजों के दामों में बदलाव हो रहा है, जैसे दूध के दाम बढ़ रहे हैं, पेट्रोल-गैस बढ़ चुकी है, लेकिन सुरा प्रेमियों को शासन ने तोहफा दिया है। एक अप्रैल (शुक्रवार) से नई शराब नीति लागू हो रही है। नीति के मुताबिक प्रदेश में अब देसी और विदेशी शराब MRP (मैक्स रिटेल प्राइज) से 20% तक कम रेट पर मिलेगी।

देसी शराब बनने से लेकर ग्राहक तक पहुंचने के बीच कमाई का जो मार्जिन था, उसे भी सरकार ने घटा दिया है। अब देसी का 180 एमएल का पौवा 110 से घटकर 85 रु. में मिलेगा। वहीं विदेशी का पौवा जो 200 रुपए का मिलता था वह अब 160 रुपए का मिलेगा। प्रदेश में अभी अंगूर से शराब बनती है। जल्द ही जामुन से भी बनाने की तैयारी चल रही है।

नया वित्त वर्ष 2022-23 शुरू होते ही कई नियम बदल गए हैं। राज्य सरकारें आम तौर पर हर वित्त वर्ष में आबकारी नीति में बदलाव करती है। मध्य प्रदेश के लोगों के लिए इस बार आबकारी नीति में कई बड़े शुक्रवार से हो गए हैं। नई नीति के लागू होते ही प्रदेश में अंग्रेजी व देशी शराब सस्ती हो जाएगी। इसके साथ ही घर पर शराब रखने की लिमिट भी बढ़ गई है। 1 अप्रैल से ठेके बदलने थे इसलिए 30 और 31 मार्च को शराब के दाम और कम हो गए। दुकानों पर सुरा प्रेमियों की भीड़ लगी थी। शराब ठेकेदार भी ज्यादा-ज्यादा माल निकाल रहे थे, क्योंकि वह भी जानते हैं कि रात को उनको यहां से जगह खाली करनी है और फिर वह शराब नहीं बेच पाएंगे। उसके बाद एक अप्रैल से नए स्टॉक के साथ शराब व्यवसाय शुरू होगा।
होम बार लाइसेंस भी मिलेंगे
- सरकार होम बार लाइसेंस भी दे रही है। जिसकी सालाना आय 1 करोड़ रु. या उससे अधिक है, वो 50 हजार रुपए देकर यह लाइसेंस ले सकेगा। अभी एक व्यक्ति तीन बोतल सील पैक और एक खुली बोतल या एक पेटी बीयर रख सकता है। नई नीति से वह चार गुना ज्यादा स्टॉक रख सकेगा।
एक ही दुकान पर देशी-विदेश शराब मिल सकेगी
- नई शराब नीति में शुक्रवार से एक ही दुकान पर देशी-विदेशी शराब बेची जा सकेगी। कम्पॉजिटिव शॉप इसमें 25% लाइसेंस फीस ज्यादा देकर देसी ठेके पर विदेशी शराब की बेची जा सकेगी और 15% फीस ज्यादा देकर विदेशी दुकान पर देसी शराब बेच सकेंगे। राज्य में देसी शराब की 2544 और अंग्रेजी शराब की 1061 दुकानें हैं। नई नीति में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि देसी और अंग्रेजी शराब के लिए अलग दुकानें तो होंगी, लेकिन कुछ नियम व शर्तें पूरी करने पर एक ही दुकान से देशी व विदेशी शराब की बिक्री कर सकते हैं।
बढ़ेगी शराब की खपत, माफिया पर लगेगी लगाम
- आबकारी के अफसरों का आंकलन है कि शराब पर एक्साइज ड्यूटी कम करने और देशी-विदेशी शराब के खुदरा मूल्य पर 20 प्रतिशत तक कीमत कम होने से शराब की खपत बढ़ेगी। साथ ही शराब सस्ती होने पर शराब की अवैध तस्करी पर लगाम लगेगी। इससे शासन को भी ज्यादा राजस्व की प्राप्त होगा।
आबकारी विभाग का कहना
-सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा का कहना है कि 31 मार्च तक सभी समूह पर टेंडर आ गए हैं और 55 प्रतिशत तक निष्पादन हो गए हैं। एक अप्रैल से नई शराब नीति के साथ काम करेंगे। जो नीति शासन ने तय की है वह लागू की जाएगी।

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