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एंटी माफिया मुहिम:छात्रावास की बाउंडीवॉल तोड़कर माफिया ने कब्जा रखी थी 2 करोड़ की जमीन, 20 मिनट में खाली कराई

ग्वालियर4 महीने पहले
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नगर निगम के मदाखलत दस्ते ने जेसीबी मशीन चलाकर अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया - Dainik Bhaskar
नगर निगम के मदाखलत दस्ते ने जेसीबी मशीन चलाकर अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया
  • जिला प्रशासन ने मंगलवार को एयरपोर्ट रोड पर मुक्त कराई सरकारी जमीन
  • जल्द हो सकती है इस मामले में FIR

श्रमोद्वय छात्रावास की बाउंड्रीवॉल तोड़कर कुछ बदमाशों ने 2 करोड़ रुपए की जमीन पर कब्जा कर रखा था। माफिया इस जमीन पर कॉलोनी काटने वाले थे। एंटी माफिया अभियान के तहत मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस और मदाखलत दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई कर जमीन को माफिया से मुक्त कराया है। पुलिस के पहुंचते ही माफिया वहां से भाग गए। सिर्फ 20 मिनट में पूरी जमीन मुक्त कराकर प्रशासन ने निगरानी में ले ली है। जल्द इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से महाराजपुरा थाना में FIR कराई जा सकती है।

महाराजपुरा में एयरपोर्ट रोड पर श्रमोद्वय छात्रावास है। कुछ साल पहले 5 से 6 भू माफिया ने छात्रावास की बाउंड्रीवॉल तोड़कर जमीन पर कब्जा कर लिया था। करीब एक हैक्टेयर जमीन बदमाशों ने अपने कब्जे में कर ली थी। जिसे वह प्लॉट काटकर बेचने वाले थे। अभी हाल में जिला प्रशासन के पास इस जमीन की शिकायत पहुंची थी। शिकायत की पूरी जांच करने के बाद एंटी माफिया मुहिम के तहत मंगलवार को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के मदाखलत दस्ते ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। जैसे ही श्रमोद्वय छात्रावास के पास मंगलवार दोपहर पुलिस की हलचल बढ़ी तो माफिया समझ गए कि अब यहां कोई बड़ी कार्रवाई होने वाली है। इसके बाद वहां से माफिया निकल गए। इसके बाद एडीएम व एंटी माफिया अभियान के नोडल अधिकारी आशीष तिवारी, महारापुरा थाना पुलिस के अफसर फोर्स सहित एयरपोर्ट रोड पहुंचे। जमीन पर मदाखलत दस्ते ने जेसीबी मशीन दौड़ाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण कारियों से मुक्त करा लिया। पूरी कार्रवाई में सिर्फ 20 मिनट का समय लगा। अब तोड़ी गई बाउण्ड्रीवॉल का वापस निर्माण जिला प्रशासन कराएगा।

दो करोड़ रुपए है कीमत

मौके पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे तहसीलदार शर्मा ने बताया कि जिस सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किया गया था, उसकी बाजार में कीमत कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार लगभग 2 करोड़ रुपए है। जब ग्वालियर में कोरोना संक्रमण अपने पीक पर था तो उस समय श्रमोद्वय छात्रावास को जिला प्रशासन ने आइसोलेशन सेंटर बनाया था।

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