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ग्वालियर में कोविड संक्रमित महिला की मौत:एक साल पहले हुई थी शादी, दो दिन पहले बच्चे को जन्म दिया; दम तोड़ने से पहले देखा बेटे का चेहरा

ग्वालियर9 महीने पहले
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वर्षा की एक साल पहले ही शादी हुई थी। - Dainik Bhaskar
वर्षा की एक साल पहले ही शादी हुई थी।

ग्वालियर में बुधवार शाम को कोविड से तीसरी लहर की पहली मौत हो गई है। दो दिन पहले रैपिट एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आई एक 25 वर्षीय महिला ने अचानक ब्लड प्रेशर डाउन होने के बाद दम तोड़ दिया। दो दिन पहले महिला ने बेटे को जन्म दिया था। जब उसकी सांसें थमने लगीं तो उसने बेटे को देखने की इच्छा जताई थी। बेटे का चेहरा देखने के बाद उसने आखिरी सांस ली और हमेशा के लिए खामोश हो गई। शादी के एक साल बाद पहली डिलीवरी के दो दिन बाद नवविवाहिता की मौत से पूरा गुप्ता परिवार गमगीन हो गया है। डॉक्टर मौत के कारणों पर जांच कर रहे हैं।

महिला दीपावली के बाद से यहीं डबरा अपनी ससुराल थी, जबकि पति दिल्ली में जॉब करता है। वह डिलीवरी से पहले ही आया है। डॉक्टरों का मानना है कि महिला को पति से ही संक्रमण मिला है। फिलहाल परिजन का कहना है कि मृतका वर्षा को कोविड नहीं था। वह स्वस्थ्य थी, लेकिन उसकी मौत के बाद मासूम बच्चे के परवरिश का संकट खड़ा हो गया है।

वर्षा को सेल्फी और फोटो खिंचाने का बहुत शौक था
वर्षा को सेल्फी और फोटो खिंचाने का बहुत शौक था

एक साल पहले हुई थी शादी
ग्वालियर के डबरा स्थित गोमतीपुरा निवासी अशोक उर्फ नीतेश गुप्ता दिल्ली में एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करते हैं। नीतेश की एक साल पहले कोविड के माहौल में 25 वर्षीय वर्षा गुप्ता से शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों काफी खुश थे। वर्षा, पति के साथ ही दिल्ली चली गई थी। इसके बाद वह प्रेग्नेंट हो गई। दीपावली नीतेश और वर्षा अपने घर आए थे। वर्षा सात माह की गर्भवती थी इसलिए इस बार नीतेश उसे यहीं ससुराल में छोड़ गया जिससे उसकी अच्छे से देखभाल हो सके। अभी तक सब कुछ ठीक चल रहा था। इसी बीच दिल्ली में तेजी से कोरोना संक्रमण फेलने लगा। इधर वर्षा की डिलीवरी का समय भी नजदीक आने लगा तो ग्वालियर में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ गया। पत्नी के डिलीवरी से पहले नीतेश दिल्ली से घर लौटा था।
बेटे की जन्म की खुशियां मना रहे थे बहू ने तोड़ दिया दम
- 10 जनवरी को परिजन ग्वालियर के एक हॉस्पिटल में लेकर वर्षा को डिलीवरी के लिए पहुंचे थे। यहां डिलीवरी से पहले उसका रैपिट एंटीजन टेस्ट कराया गया, जिसमें वह कोरोना संक्रमित निकली थी, जबकि उसे न जो खांसी थी न जुकाम। 10 जनवरी को उसने एक सुंदर से बेटे को जन्म दिया। शादी के एक साल बाद गुप्ता परिवार में चिराग के जन्म पर खुशियां मनने लगीं। कोविड पेशेंट होने के चलते बेटे को उसकी मां से दूर रखा जा रहा था। पर इसके बाद 11 जनवरी को अचानक वर्षा की हालत बिगड़ने लगी। अचानक उसका ब्लड प्रेशर का स्तर नीचे जाने लगा। उसकी सांसे उखड़ने लगीं। डॉक्टरों ने उसे निगरान में ले लिया। उसे प हले जेएएच के टीबी वार्ड में रखा गया फिर सुपर स्पेशियलिटी में भी रखा गया, लेकिन बुधवार को वर्षा ने दम तोड़ दिया। जो गुप्ता परिवार दो दिन पहले तक बेटे के जन्म पर खुशियां मना रहा था वो अब सदम में हैं।
दम तोड़ने से पहले बेटे को निहारकर देखा
वर्षा की सांसे जब थमने वाली थीं और उसे लग रहा था कि वह अब जिंदा नहीं बचेगी तो उसने अपने बेटे को देखने की बात कही थी। ऐसा डॉक्टरों ने बताया कि मौत से कुछ देर पहले उसने बेटे को देखा और अंतिम सांस ली। मृतका का पति और अन्य परिजन मानने को तैयार नहीं है कि उसे कोविड है। उनका कहना है कि उसकी मौत ब्लड प्रेशर अपडाउन होने के कारण हुई है।
डबरा में किया अंतिम संस्कार
वर्षा की मौत को स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर की पहली कोविड मौत माना है, जबकि परिजन मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में वह शव को बिना कोविड प्रोटोकॉल फॉलो करे डबरा ले गए। बुधवार रात को वहां जवाहरगंज मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया है।

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