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विवाद:नई सब्जी मंडी में कारोबारी जाने के लिए तैयार नहीं, सांसद ने लिया जायजा

ग्वालियर14 दिन पहले
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  • नई मंडी में दुकानों की संख्या 200 है जबकि बिक्री 115 की ही हुई

लक्ष्मीगंज स्थित थोक मंडी के कारोबारी नई मंडी में जाने के लिए तैयार नहीं हैं। उनकी समस्याएं जानने के लिए सोमवार शाम को सांसद विवेक नारायण शेजवलकर थोक मंडी पहुंचे। उन्होंने मंडी परिसर का जायजा लिया। कारोबारियों ने उनसे कहा कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर हमें नए परिसर में शिफ्ट कराना चाह रहा है, जबकि नए परिसर में दुकानों की कुल संख्या 200 है और उनमें से भी सिर्फ 115 की बिक्री हो सकी है। शेष दुकानों की बिक्री तक मंडी बोर्ड नहीं कर सका है। वहीं दूसरी ओर लाइसेंस होल्डर कारोबारियों की संख्या ही 800 है। ऐसे में नए परिसर में अपनी दुकानों को लेकर जाए तो कहां जाएं।

कारोबारियों ने सांसद शेजवलकर को बताईं समस्याएं
कारोबारियों ने रास्ते की समस्या भी बताई। जो बेहद संकरा है और गल्ला मंडी, वेयर हाउस और सब्जी मंडी के लिए एक मात्र आने-जाने का रास्ता होने के कारण जाम की समस्या पहले से भी अधिक हो जाने की संभावना है। ऐसे में बिना किसी ठोस प्लानिंग के मंडी शिफ्टिंग का काम सब्जी कारोबारियों की परेशानी को ही बढ़ाएगा। सांसद ने कारोबारियों से पूछा कि मंडी में हर रोज कितने लोडिंग वाहन आते हैं और वैध-अवैध वेंडर किस तरह से यहां काम करते हैं। सारी परेशानियां और मंडी की दिक्कतों को देखकर सांसद श्री शेजवलकर ने कहा जब तक इन सभी दिक्कतों को दूर नहीं कर दिया जाएगा, तब तक मंडी की शिफ्टिंग नहीं कराई जाएगी।

सांसद आज करेंगे अधिकारियों से चर्चा: मंगलवार को सांसद श्री शेजवलकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करेंगे। मंडी कारोबारी एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु पाठक ने बताया कि सांसद ने भरोसा दिया है कि जब तक कारोबारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं करा दिया जाता, तब तक मंडी की शिफ्टिंग को लेकर रोेक रहेगी।

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