24 घंटे में जिंदा हो गया पति!:ग्वालियर में जिसकी मौत पर पत्नी ने चूड़ियां फोड़ी, सिंदूर मिटाया वो लौट आया

ग्वालियर2 महीने पहले

ग्वालियर में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां परिजनों ने 24 घंटे पहले जिस बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया। पत्नी ने चूड़ियां फोड़ीं और मांग का सिंदूर मिटाया। वह अचानक जिंदा लौट आया। ये देख परिवार वाले हैरत में पड़ गए। परिवार वाले उसकी अस्थियां (फूल) चुनने श्मशान घाट जाने वाले थे।

पुलिस भी रजिस्टर में मर्ग कायम कर जांच में जुट गई थी। अब उसके जिंदा होने की बात पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अफसरों ने दोबारा जांच शुरू की है। अब सवाल ये है कि जिस शख्स का अंतिम संस्कार किया गया, वह कौन था? जानते हैं कि क्या है पूरा मामला और आखिर कैसे हुआ सब।

दो दिन पहले महाराज बाड़ा स्थित लेडीज पार्क में युवक की लाश मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची। शिनाख्त ना होने पर फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर लाश मॉर्च्युरी में रखवा दी। इसके बाद इंदरगंज के नौगजा रोड के रहने वाले रोहित कुशवाह (34) के परिजन कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने शव की शिनाख्त बेटे रोहित के रूप में की।

ऐसे हो गई गफलत

असल में रोहित पिछले 10 दिन से लापता था। इसकी गुमशुदगी भी उन्होंने थाने में दर्ज करवा दी थी। इसी बीच, पड़ोसी ने रोहित से मिलती-जुलती लाश मिलने की सूचना दी। सोशल मीडिया को वायरल पोस्ट भी दिखाया। परिवार मॉर्च्युरी पहुंचा। यहां देखा कि व्यक्ति जो लाश रखी थी, वह एक हाथ और पैर से विकलांग था। वहीं, रोहित भी एक हाथ और पैर से विकलांग है। चूंकि चेहरा काफी बिगड़ चुका था, लेकिन कद-काठी हूबहू रोहित जैसी ही थी। इसी आधार पर परिजन ने उसकी पहचान रोहित के रूप में की। इसके बाद पीएम के बाद शव परिजन को दे दिया गया। यहां रोहित के शव को देख उसकी पत्नी ने भी परंपरा के मुताबिक चूड़ियां फोड़ीं और सिंदूर मिटाया। गुरुवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

रोहित एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग है। (धारीदार टीशर्ट में रोहित कुशवाह)।
रोहित एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग है। (धारीदार टीशर्ट में रोहित कुशवाह)।

जिसके फूल उठाने जा रहे थे, वह पहुंचा ससुराल

शुक्रवार सुबह रोहित के परिजन मुक्तिधाम में उसके फूल (अस्थियां) उठाने के लिए निकले। अभी कुछ ही दूरी पर पहुंचे, तो पता चला कि जिसके फूल उठाने वह मुक्तिधाम जा रहे हैं, वह तो जीवित है। रोहित अपनी ससुराल पहुंच गया। पता चलते ही परिजन ससुराल पहुंचे। रोहित को जीवित देख सब हैरत में पड़ गए।

माता के मंदिर दर्शन करने गया था रोहित

रोहित कुशवाहा ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह गिरवाई में बेपुरा माता के मंदिर पर दर्शन करने गया था। रात ज्यादा हो गई थी, इसलिए वहीं रुक गया था। जब रिश्तेदार ने पूरी घटना बताई, तो सुनकर मैं भी चौंक गया। जब मैंने उस शव का फोटो देखा, तो धोखा खा गया। अब परिवार वाले मुझे जिंदा देखकर खुश हैं।

24 घंटे में बेटे की मौत का दर्द और फिर मिली खुशी

रोहित के पिता घनश्याम कुशवाहा कहना है कि गुरुवार को हमने बेटे रोहित का शव समझ कर अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार सुबह हम फूल उठाने जा रहे थे, तभी उसके ससुराल वालों ने बताया कि वह गिरवाई में एक मंदिर पर बैठा है। इसकी जानकारी पुलिस को भी दे दी है।

रोहित कुशवाह ने आधार कार्ड भी दिखाया।
रोहित कुशवाह ने आधार कार्ड भी दिखाया।

फिंगर प्रिंट के आधार पर होगी शिनाख्त
मामले में एसएसपी ग्वालियर अमित सांघी का कहना है कि बॉडी परिजन को सौंपने से पहले उसके फिंगर प्रिंट ले लिए गए थे। इसके आधार पर आसानी से शिनाख्त की जा सकेगी, जबकि उसके कपड़े व फोटो पुलिस के पास हैं।