पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नगर निगम:पचौरी सीसीओ, सतपाल को मदाखलत और अख्तर को उपायुक्त पद से हटाया

ग्वालियर23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • निगमायुक्त ने देर रात की प्रशासनिक सर्जरी

आखिरकार नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने कार्यभार ग्रहण करने के पांच महीने बाद नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर ही दिया। शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि दो बजे आयुक्त ने छह आदेश निकालकर निगम में काम करने वाले पीएचई के 50 प्रतिशत इंजीनियरों को मूल पद पर पहुंचा दिया है। शेष 50 प्रतिशत को उच्च पदों की जिम्मेदारी दी गई है। शहर में हर बार चर्चाओं और विवादों में रहने वाले मदाखलत विभाग से सतपाल सिंह चौहान और महेंद्र शर्मा को विदा कर दिया है।

लंबे समय से जमे खेल अधिकारी चौहान को हटाकर उनकी जगह केशव सिंह चौहान को नोडल अधिकारी बनाया है। उनकी मदद के लिए दो कर संग्राहकों को दो-दो विधानसभा में मदाखलत प्रभारी बनाया गया है। केशव चौहान पर पहले से भी कई विभागों की जिम्मेदारी है। मूलत: इंजीनियर के काम देखने वाले अधीक्षण यंत्री जेएन पारा को उपायुक्त संपत्ति कर बनाया गया है। उपयंत्री हसीन अख्तर से उपायुक्त पद वापस लेकर स्वच्छ भारत मिशन में सहायक नोडल अधिकारी बनाया है। खास बात यह है कि सर्जरी से पहले आयुक्त ने उन अधिकारियों की पुरानी फाइलें आफिस में मंगा ली थी जिनकी पूर्व में जांच की गई थी। तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि बड़ा बदलाव होने वाला है।

बदलाव के बाद किस विभाग की जिम्मेदारी किसे साैंपी
मदाखलत विभाग : इसमें अपर आयुक्त मुकुल गुप्ता रहेंगे। नोडल अधिकारी केशव सिंह चौहान बनाए गए हैं। ग्वालियर एवं दक्षिण विधानसभा मदाखतल अधिकारी की जिम्मेदारी सतेंद्र भदौरिया पर रहेगी। ग्वालियर पूर्व एवं ग्रामीण विधानसभा मदाखलत अधिकारी शैलेंद्र सिंह चौहान रहेंगे। इन्हें वर्तमान दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
संपत्तिकर विभाग: उपायुक्त संपत्ति कर ग्वालियर एवं दक्षिण विधानसभा से डाॅ.प्रदीप श्रीवास्तव को हटाकर अधीक्षण यंत्री जनकार्य जेएन पारा को इंजीनियरिंग विंग के साथ संपत्ति कर का उपायुक्त बनाया गया है। उपायुक्त एपीएस भदौरिया को ग्वालियर पूर्व और दक्षिण विधानसभा में संपत्ति कर की जिम्मेदारी दी है।
विधानसभा प्रभारी: मुख्य समन्वयक ग्वालियर पूर्व के पद से प्रेम पचौरी को हटाकर सहायक यंत्री सतेंद्र यादव को बनाया गया है। उपयंत्री महेन्द्र अग्रवाल को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ जोन क्रमांक 11 और 12 का सीओ बनाया गया है। उपयंत्री प्रमोद चौहान को क्लस्टर-2 का सीओ बनाया है।

वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम
नगर निगम में लंबे समय से अधिकारियों के अलग-अलग गुट काम करते आ रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जुड़कर अधिकारी अपने गुट के लोगों को महत्वपूर्ण पद दिलवाते हैं। हाल ही में निगम अफसरों के साथ जुड़े अफसर उन्हें पुराने आयुक्तों की कार्यपद्धति का कहानी सुना रहे थे। साथ ही यह भी बता रहे थे कि उसके बाद काम में किस तरह सुधार हुआ। इसी काे बदलाव का आधार माना जा रहा है। हालांकि जिम्मेदार ऐसी किसी भी बात से इनकार कर रहे हैं। आयुक्त शिवम वर्मा द्वारा रात दो बजे निकाली गई तबादला सूची में प्रभावित हुए लोग अब राजनीतिक आकाओं के पास पहुंच गए हैं।

बेहतर काम के लिए बदलाव
^पीएचई में स्टाफ की जरूरत थी। इसलिए निगम में काम करने वाले पीएचई स्टाफ को वापस किया है। यदि कोई और रह गए हैं, तो उनके बारे में भी फैसला लिया जाएगा। निगम के अंदर कोई गुटबाजी नहीं है। हर अधिकारी और कर्मचारियों से बेहतर काम कराने के लिए बदलाव किया है। यह फैसला मेरे स्वयं के विवेक पर है।
-शिवम वर्मा, आयुक्त नगर निगम

खबरें और भी हैं...