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फर्जी ऋण पुस्तिका पर जमानत कांड:फोटो, नाम बदलकर कंप्यूटर सेंटर पर बनाई गई थी फर्जी ऋण पुस्तिका पर सर्वे नंबर ने पकड़वा दिया

ग्वालियर7 दिन पहले
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जिला एंव सत्र न्यायालय में संदेह के आधार पर पकड़ा गया था फर्जी ऋण पुस्तिका का मामला - Dainik Bhaskar
जिला एंव सत्र न्यायालय में संदेह के आधार पर पकड़ा गया था फर्जी ऋण पुस्तिका का मामला
  • पकड़ी गई थी जमानत देने वाली महिला
  • हर साल 10 से 15 मामले ऐसे आते हैं

फर्जी ऋण पुस्तिका बनाने के लिए एक भू-ऋण पुस्तिका से असली जमीन मालिक का फोटो हटाकर महिला का फोटो लगाया गया, नाम बदला, लेकिन सर्वे नंबर ने महिला को पकड़वा दिया। फर्जी ऋण पुस्तिका एक कंप्यूटर सेंटर पर बनी थी। जमानत के बाद ऋण पुस्तिका में दिए सर्वे नंबर पर जब नायब तहसीलदार पहुंचे तो पता लगा कि यह तो किसी युवक के नाम पर है। उस महिला का यहां दूर-दूर तक नाम नहीं है। इसके बाद तत्काल कोर्ट ने इंदरगंज थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। महिला को पकड़कर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर किया गया था।

यह था मामला

हत्या के मामले में आरोपी बलवीर माहौर की जमानत के लिए उनके रिश्तेदारों ने जमानत की अर्जी लगाई थी। वहां से उसे जमानत भी मिल गई। पर कोर्ट में जमानत के लिए 50-50 हजार रुपए की दो जमानत भरनी थीं। इसमें बलवीर के लिए उसके रिश्तेदार बरेठा निवासी ऋषिराज ने अपनी भू ऋण पुस्तिका लगाई थी। साथ ही ऋण पुस्तिका पुरानी छावनी निवासी 40 वर्षीय बसंती राठौर पत्नी जान सिंह राठौर के नाम की थी। आरोपी को जमानत तो मिल गई थी। बाद में ऋण पुस्तिका की जांच कराई जाने पर बसंती की ऋण पुस्तिका फर्जी निकली थी। इस पर पुलिस ने बसंती राठौर की ऋण पुस्तिका के फर्जी निकलने पर उसे गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था।

ऐसे बनाई थी फर्जी ऋण पुस्तिका

एक जमानत तो ऋषिराज की दे दी थी, लेकिन दूसरी पुस्तिका बनाने के लिए एक कम्प्यूटर सेंटर पर ऋषिराज की ऋण पुस्तिका से छेड़छाड़ की गई। इसमें ऋषिराज के फोटो की जगह बसंती का फोटो, उसके नाम की जगह बसंती का नाम रखा गया। इसके बाद कुछ सर्वे नंबर बदलकर वैसी की वैसी ऋण पुस्तिका बना दी। जब ऋण पुस्तिका को जांच के लिए पुरानी छावनी के तहसीलदार के पास भेजा गया। जांच में खुलासा हुआ कि ऋण पुस्तिका में दर्ज जिस सर्वे नंबर पर बसंती ने जमीन बताई, वह बसंती के नाम पर नहीं है। इसके बाद पूरा मामला पकड़ में आया।

हर साल पकड़े जाते हैं मामले
फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर जमानत लेने के मामले हर साल पकड़े जाते हैं। प्रत्येक वर्ष 10 से 15 मामले ऐसे पकड़े जाते हैं। यह तो वह मामले होते हैं जिनमें कोर्ट संदेह के आधार पर जांच कराती है। इसके अलावा अन्य मामले तो संदेह न होने निकल भी जाते हैं।

महिला को जेल भेज दिया है
इस फर्जी ऋण पुस्तिका मामले में महिला को जेल भेज दिया है। जांच में पता लगा है कि कैसे ऋण पुस्तिका बनाई थी। अभी कुछ और पहलु पर जांच की जा रही है।

शैलेंद्र भार्गव, टीआई इंदरगंज थाना

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