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आंकड़ों में बाजीगरी कर रहे अफसर:कोरोना संक्रमितों की संख्या कम दिखाने सूची से गायब कर दिए एंटीजन टेस्ट के नतीजे

ग्वालियर9 दिन पहलेलेखक: अंशुल वाजपेयी
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

शहर में कोरोना संक्रमण के मामले तो कम नहीं हो रहे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कागजों में इन्हें कम करने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। ताजा उदाहरण माइक्रोबायोलॉजी लैब में होने वाली जांच का है। यहां हर रोज सैंपलों की जांच तो हो रही है और जांच में लोग संक्रमित भी निकल रहे हैं। लेकिन इनकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं भेजी जा रही है।

इसी को आधार बनाकर स्वास्थ्य विभाग संक्रमितों की संख्या में माइक्रोबायोलॉजी लैब की जांच में निकले संक्रमितों को नहीं जोड़ रहा है। यह क्रम 29 अप्रैल से जारी है। माइक्रोबायोलॉजी लैब के डॉ. केपी रंजन ने बताया कि लैब में डाटा एंट्री ऑपरेटर नहीं होने के कारण लिस्ट तैयार नहीं हो पा रही है।

इन मामलों में भी लापरवाही; वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे लोग संदिग्धों के साथ खड़े
शहर की जिन डिस्पेंसरियों में टीकाकरण कार्यक्रम और कोरोना संदिग्धों की सैंपलिंग का काम हो रहा है, वहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ रही हैं। ताजा मामला हेमसिंह की परे़ड डिस्पेंसरी का है। शहर में सीमित स्वास्थ्य संस्थाओं में वैक्सीन लग रही है, इस कारण यहां काफी संख्या में लोग टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। चिंता की बात यह है कि जिस जगह लोगों को पंजीयन के लिए खड़ा होना पड़ता है, उसके ठीक बगल से ही कोविड की जांच करा रहे संदिग्ध लाइन में खड़े होते हैं। डिस्पेंसरी के स्टाफ ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की कोई व्यवस्था नहीं की है।

जांच रिपोर्ट के लिए 48 घंटे करना पड़ रहा इंतजार
सिविल डिस्पेंसरी जनकगंज, हजीरा, यहां तक की ठाटीपुर स्वास्थ्य केंद्र में कोविड की जांच कराने पहुंच रहे संदिग्ध लोगों को रिपोर्ट के लिए 48 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। सैंपल देने के एक दिन बाद उनके संक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो पा रही है। उदाहरण के लिए यदि आपने मंगलावर सुबह 10 बजे जांच कराई है तो आपको गुरुवार देर शाम आठ बजे जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। चूंकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनाई है कि सैंपल देने के बाद मरीज घर से बाहर नहीं निकले। ऐसे में सैंपल देने के बाद धड़ल्ले से बाहर घूम रहे लोग कोरोना स्प्रेडर की भूमिका निभाते हैं।

पुणे सैंपल भेजने से देरी
^ज्यादा संख्या में सैंपल होने के कारण यह निर्णय लिया गया कि इन्हें जांच के लिए पुणे भेजा जाए। ग्वालियर से सैंपल इंदौर भेजे जाते हैं और वहां से फ्लाइट से पुणे स्थित कृष्णा डायनोस्टिक्स में इनकी जाच की जाती है। इस कारण जांच रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। अतिशीघ्र मरीजों को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट दी जाएगी।
-डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

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