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  • Seven year old Son's Custody Given To Father; Said No Source Of Income For Mother, She Will Not Be Able To Take Care Of The Child.

हाई कोर्ट का फैसला:सात साल के बेटे की कस्टडी पिता को दी; कहा-मां पर आय का स्रोत नहीं, बच्चे की देखरेख नहीं कर पाएंगी

ग्वालियरएक महीने पहले
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सात साल का देवांश (परिवर्तित नाम) फिलहाल अपने पिता और दादा-दादी के ही साथ रहेगा। उसकी मां ने हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए पति पर बेटे को बंदी बनाकर रखने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा - मां ये बताने में असफल रही कि बच्चे का भविष्य केवल उन्हीं के हाथों में सुरक्षित है। वह ये भी नहीं बता पाईं कि उनकी आय का स्रोत क्या है? चूंकि, बेटा अपने पिता के साथ रह रहा है। ऐसे में यह नहीं माना जा सकता कि उसे बंदी बनाकर रखा गया है।

मामला लोटस विला निवासी महिला का है। उन्होंने कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करते हुए पति और सास-ससुर पर 7 साल के बेटे को जबरन अपने पास रखने का आरोप लगाया। उनके वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता अपने बेटे की परिवरिश करने में पूर्ण रूप से सक्षम है। उनके पिता का केटरिंग का व्यवसाय है। उनके निधन के बाद इस व्यवसाय को वो ही संभाल रही हैं।

हालांकि, कोर्ट ने उनकी दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिका में उन्होंने आयकर का कोई भी रिटर्न प्रस्तुत नहीं किया। यहां तक की परिवार न्यायालय में उन्होंने जो आवेदन पेश किया है, उसमें भी उन्होंने ये बताया है कि वे निजी काम करती हैं। ऐसे में वह ये साबित करने में असफल रहीं कि उनके पास आय का कोई साधन है।

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