मंडे पॉजिटिव:बेटों ने सेवानिवृत बैंक मैनेजर पिता की इच्छा का किया सम्मान, मौत के बाद उनकी देहदान की

ग्वालियर3 महीने पहले
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देह दान करते परिजन। - Dainik Bhaskar
देह दान करते परिजन।
  • जीआरएमसी को 20 माह बाद दान में मिली बॉडी
  • समाजसेवी यशवंत पेंढ़ारकर का रविवार सुबह निधन, चार साल पहले उन्होंने देहदान के लिए किया था आवेदन

सेवानिवृत बैंक मैनेजर और समाजसेवी यशवंत पेंढ़ारकर का रविवार सुबह निधन हो गया। गांधी नगर में रहने वाले पेंढ़ारकर के दो बेटों ने अपनी पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) पहुंचकर एनाटॉमी विभाग में उनकी देह का दान किया। उन्होंने चार साल पहले देहदान करने का आवेदन दिया था।

उनके देहदान से जीआरएमसी के एनाटॉमी विभाग को 20 महीने बाद कोई बॉडी दान में मिली है। पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने के उद्देश्य से पेंढ़ारकर के बड़े बेटे चेतन, बहू रुचिरा, छोटे बेटे पुष्कर, बहू पुण्या अपनी मां नलिनी पेंढ़ारकर और बुआ मंदाकिनी के साथ पिता का शव लेकर गजराराजा मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। स्वजन ने एनाटॉमी विभाग में देहदान करने की कागजी कार्रवाई पूरी करने के उपरांत पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।

मरने के बाद भी शरीर किसी काम आए, इसलिए किया देहदान

छोटे बेटे पुष्कर पेंढ़ारकर के मुताबिक पिता की अंतिम इच्छा थी कि मरने के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए, ताकि वह मेडिकल स्टूडेंट के अध्ययन के काम आ सके और मेडिकल स्टूडेंट आगे चलकर अच्छे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकें। एनाटॉमी विभाग में 20 महीने बाद देहदान हुआ है। इससे पहले 9 फरवरी 2020 में श्वेता कुलकर्णी का देहदान हुआ था।

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