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शाम 6 बजे के बाद वेबसाइट पर दिखा परिणाम:हाईस्कूल के रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में नहीं दिखा पहले की तरह उत्साह

ग्वालियर16 दिन पहले
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हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद प्रसन्न मुद्रा में उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र। - Dainik Bhaskar
हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद प्रसन्न मुद्रा में उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र।

हाईस्कूल का रिजल्ट बुधवार को घोषित कर दिया गया। इस बार जिले के 28, 847 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इन सभी को पास घोषित किया गया है। रिजल्ट शाम को 4 बजे घोषित किया गया, लेकिन इसके बाद लगभग डेढ़ घंटे तक माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर रिजल्ट देखने में विद्यार्थियों को परेशानी होती रही।

इस बार आंतरिक मूल्यांकन, यूनिट टेस्ट और छमाही परीक्षा के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया है। इसलिए सभी छात्रों को पास किया गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल का दावा है कि परीक्षा में किसी विद्यार्थी की पूरक भी नहीं आई है। जो विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे हैं या फिर रिजल्ट से असंतुष्ट हैं वह सितंबर में होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस बार हाईस्कूल के रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में पिछले सालों से जैसा उत्साह तो नहीं था लेकिन वह जानना चाहते थे पास होने पर कितने अंक आए हैं ? शाम को 4 बजे वेबसाइट पर रिजल्ट घोषित किया किया, लेकिन 6 बजे के बाद वेबसाइट नियमित रूप से दिखाई दिया। रिजल्ट में हजीरा पर रहने वाले सुकन्या त्रिपाठी के 500 में से 485 अंक आए हैं। वहीं हरिहर नगर में रहने वाले अंशुल राजपूत ने 500 में से 480 अंक प्राप्त किए हैं।

बेस्ट ऑफ फाइव आधार पर तैयार किया गया रिजल्ट

हाईस्कूल का रिजल्ट बेस्ट ऑफ फाइव आधार पर घोषित किया गया है। छात्रों के 6 विषयों में यूनिट टेस्ट और छमाही परीक्षा के अंक मांगे गए थे, इनमें से जिन 5 विषयों में अंक ज्यादा थे उन्हें ही रिजल्ट में शामिल किया गया है। इससे छात्रों का रिजल्ट अच्छा रहा है।

अभिभावक बोले- स्कूल भेजने पर डर तो लगेगा

प्रदेश में 11 वीं और 12 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 26 जुलाई से स्कूल खोले जाने की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने की है। इसके बाद प्राइवेट स्कूल के संचालकों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं, उल्लेखनीय है कि स्कूल खोलने जाने सहित अन्य मांगों को लेकर यह आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को ऑनलाइन कक्षाएं भी शुरू कर दी हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल स्कूल खोलने की मांग को लेकर प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट से भी मिला था। वहीं अभिभावक का कहना है कि बच्चों का वैक्सीनेशन न होने तक खतरा तो रहेगा ही। थाटीपुर में रहने वाले अनिल शर्मा का बेटा 11 वीं कक्षा का विद्यार्थी है। इनका कहना है कि पढ़ाई के लिए जरूरी होगा तो स्कूल भी भेजना होगा। लेकिन डर तो रहेगा। वहीं डॉ. शांतिदेव सिसौदिया का कहना है कि उनकी बेटी 11 वीं कक्षा पहुंचेगी। जब तक बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं होता है वह स्कूल नहीं भेजेंगे।

स्कूल खोलने की घोषणा के बाद तैयारी शुरू

एसओपी से खोलेंगे स्कूल, लेकिन और कक्षाएं भी शुरू की जाएं

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि वह स्कूल खोलने के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पूरी तरह से पालन करेंगे, लेकिन 11 और 12वीं कक्षा के अलावा अन्य कक्षाएं शुरू करने की अनुमति चाहिए।

तैयारी पूरी, थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जाएगी

सीबीएसई प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि वह पूरी तैयारी के साथ स्कूल खोलेंगे। एक दिन छोड़कर विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। थर्मल स्क्रीनिंग और सेनिटाइजर का उपयोग किया जाएगा।

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