एक्सपर्ट से समझें, MPPSC में सक्सेस के टिप्स:NCERT की बुक्स से स्टडी, प्रॉपर स्ट्रेटजी और टाइम मैनेजमेंट से पा सकते हैं कामयाबी

ग्वालियर3 दिन पहले

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) में सिलेक्ट होकर अफसर बनने का सपना हर वर्ष लाखों युवा देखते हैं, लेकिन मुकाम सिर्फ कुछ ही हासिल कर पाते हैं। क्योंकि, यह सही समय और मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हैं। MPPSC परीक्षा को लेकर युवा उत्साहित होने के साथ कुछ परेशान भी रहते हैं। कुछ युवा सही स्ट्रेटजी को लेकर तो कुछ टाइम मैनेजमेंट और अच्छे कोचिंग संस्थानों को लेकर उलझन में रहते हैं।

MPPSC की तैयारी करवा रहे एक्सपर्ट का मानना है कि, NCERT की बुक्स से स्टडी, प्रॉपर स्ट्रेटजी ही इस एग्जाम की सफलता का मूलमंत्र है। समय को डिवाइड करना और एक शेड्यूल फिक्स करना सबसे जरूरी है। पूरे कोर्स पर स्टूडेंट्स फोकस करें, सिर्फ प्रीलिम्स पर नहीं। मेन्स की तैयारी करेंगे तो प्रीलिम्स भी आसान हो जाएगा। चलिए जानते हैं एक्सपर्ट आनंद जादौन (डायरेक्टर, आनंद जादौन IAS, IPS क्लासेस ग्वालियर ब्रांच) से...

जादौन क्लासेस में MPPSC परीक्षा का मार्गदर्शन लेते छात्र-छात्राएं।
जादौन क्लासेस में MPPSC परीक्षा का मार्गदर्शन लेते छात्र-छात्राएं।

MPPSC को 3 भागों में बांटकर करें तैयारी
एक्सपर्ट आनंद जादौन कहते हैं कि MPPSC परीक्षा को मुख्य रूप से 3 भागों में बांटकर तैयारी करनी चाहिए। प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू। सबसे पहले हम बात करेंगे प्रीलिम्स परीक्षा की। इसमें दो पेपर होते हैं पहला पेपर GS (जनरल स्टडीज) और दूसरा C-SAT का पेपर होता है। C-SAT में मैथ्स, रीजनिंग और डिसीजन मेकिंग से जुड़े सवाल आते हैं। यह एक क्वालीफाइंग पेपर होता है जो 200 नंबर का होता है। इसमें 33% मार्क्स लाना होता है, इसलिए इसकी तैयारी स्मार्ट प्लानिंग के साथ की जानी चाहिए। पूरा सिलेक्शन सामान्य अध्ययन की परीक्षा पर निर्भर करता है।

GS (जनरल स्टडीज) दिलाता है परीक्षा में सक्सेस
GS (जनरल स्टडीज) में हिस्ट्री, भूगोल, अर्थशास्त्र, भारतीय संविधान, भारतीय भूगोल, विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, साइंस व अन्य। इन पर आपकी पकड़ मजबूत होनी चाहिए। इन पर आपकी पकड़ मजबूत कैसे होगी। NCERT की 6वीं से 12वीं तक की बुक्स जरूर पढ़ें। इसके साथ बेहतर मार्गदर्शन में स्मार्ट पढ़ाई करना जरूरी है, क्योंकि यह जनरल स्टडीज ही मेरिट बनाता है और उसी पर आपका सिलेक्शन निर्भर करता है।

किसी भी स्तर पर तैयारी में कमी न छोड़ें
आपको यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो या मुख्य परीक्षा या फिर अंतिम चयन ही क्यों न हो, कट ऑफ मार्क्स के कम होने की उम्मीद बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। पिछली बार के परीक्षा परिणाम इन तथ्यों को प्रमाणित भी करते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी तैयारी में किसी भी तरह की कोई ढील न दें। पूरी मेहनत से अपने पाठ्यक्रम की तैयारी करें, जिससे आप दूसरों से बेहतर कर सकें।

पूरा सिलेबस कवर करें
सिलेबस को व्यापक रूप से कवर किया जाना चाहिए। किसी भी हिस्से को हल्के में नहीं छोड़ा जाना चाहिए, चाहे पिछले रुझान कुछ भी हों। MPPSC का सिलेबस बड़ा है और परीक्षा में किसी भी विषय से सवाल आ सकता है, इसीलिए पूरे सिलेबस को अच्छे से पढ़ना बेहद जरूरी है।

खुद नोट्स तैयार करें
कन्सेप्चुअल और फेक्चुअल नोट्स बनाएं। पिछले वर्षों के टेस्ट पेपर्स सॉल्व करने की प्रैक्टिस करें। मेन्स के लिए तैयार किए नोट्स को रिवाइज करते रहें। साथ ही जो भी टॉपिक पढ़ें, उसे करेंट अफेयर से जोड़कर देखें। यह आप किसी कोचिंग के मार्गदर्शन में बेहतर कर सकते हैं। ज्यादा पढ़ना जरूरी नहीं, जितना पढ़ा है उसके अच्छे से कॉन्सेप्ट क्लियर रखना जरूरी है। दिमाग खुला रखिए राह आसान हो जाएगी। अपने आपको मल्टी डाइमेंशनल बनाइए किताबी कीड़ा नहीं।

रिवीजन ही सफलता की कुंजी है
प्रीलिम्स का सिलेबस काफी बड़ा और बिखरा हुआ है। कवरेज से अधिक, संपूर्ण सिलेबस को रिवाइज करना महत्वपूर्ण है। इसलिए, रिवीजन उचित और समयबद्ध दोनों होना चाहिए। सिलेबस के कवरेज और कवर किए गए हिस्से के रिवीजन में एक अच्छा संतुलन होना चाहिए। तभी सफलता सुनिश्चित होती है।

सॉल्व पेपर से भी हो सकती है राह आसान
पिछले वर्ष के पेपर तैयारी के लिए दिशा प्रदान करते हैं। आपके बेसिक नॉलेज को बढ़ाने के अलावा, पिछले वर्ष के पेपर आपके मानसिक दृष्टिकोण को बनाने में मदद करते हैं। यह आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाता है और विकल्पों को खत्म करने में आपकी मदद करता है।

मॉक टेस्ट की मदद लें
सिलेबस को कवर करने के बाद, मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस की जानी चाहिए। मॉक टेस्ट की संख्या वाजिब होनी चाहिए। बहुत सारे टेस्ट आपकी कीमती ऊर्जा को खत्म कर देंगे और बहुत कम संख्या आपको परीक्षा के लिए तैयार नहीं कर सकेगी। मॉक टेस्ट के बाद विश्लेषण एक जरूरी अभ्यास है। अच्छे प्रदर्शन से उत्साह में नहीं आना चाहिए और खराब प्रदर्शन से निराश नहीं होना चाहिए। बस अपने आप को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करें।

करेंट अफेयर्स पर जरूर करें फोकस
इस परीक्षा में करेंट अफेयर्स एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए आपको सलाह दी जाती है कि आप रोजाना अखबार पढ़ें। साथ ही साप्ताहिक और मासिक करेंट अफेयर्स ऑनलाइन या किसी किताब की मदद से पढ़ें।

परीक्षा के लिए हमेशा कॉन्फिडेंट रहें
परीक्षा देते समय अधिकांश विद्यार्थी काफी नर्वस हो जाते हैं, जिससे जो उत्तर याद रहते हैं वो भी गलत हो जाते हैं। इसलिए ध्यान रखें, जितना आता है उसे आत्मविश्वास के साथ हल करें। इसके बाद ही कम जानकारी वाले प्रश्न हल करने का प्रयास करें। तैयारी शुरू करने से पहले आपको यह बात अपने दिमाग में रखना होगी कि मैं इस परीक्षा को क्लियर कर सकता हूं।

सक्सेस टिप्स

  • 8 से 10 घंटे नियमित पढ़ाई करें।
  • आसान भाषा में खुद के नोट्स तैयार करें।
  • पुराने टेस्ट पेपर्स हल करने की प्रैक्टिस करें।
  • न्यूजपेपर्स, मैगजीन्स पढ़ें।
  • टीवी पर डिबेट्स सुनें।
  • लगातार रिवीजन करते रहें।
  • ग्रुप बनाकर समसामयिक मुद्दों पर बातचीत करें।