जलालपुर हादसा:ऑटो में सवार 13 की मौत के बाद सड़क को फोरलेन करने का सुझाव; उप समिति ने रिपोर्ट तैयार कर शासन के पास भेजी

ग्वालियर6 महीने पहले
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करीब 35 दिन पहले जलालपुर चौराहे के पास हुई दुर्घटना की जांच सड़क सुरक्षा समिति की उप समिति ने कर ली है। इस घटना में 13 लोगों की मृत्यु हुई थी। बस व ऑटो के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में बस का तेज रफ्तार से होना व ऑटो में 4 के बदले 13 सवारियां बैठा होना माना गया है। समिति ने इसके बाद भी मौके पर जो कमियां मिली हैं, उनमें सुधार की सिफारिश की है।

इसी रिपोर्ट को कलेक्टर ने परिवहन सहित अन्य सभी विभागों को भेजा है। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि जिस जगह यह दुर्घटना हुई, वहां सड़क सिर्फ 10 मीटर चौड़ी है जबकि यह हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग 719 का हिस्सा है। संयुक्त रिपोर्ट के बाद ही मप्र सड़क विकास निगम के संभागीय प्रबंधक द्वारा कुछ दिन पहले मैसर्स एमपी हाईवेज प्रालि के परियोजना प्रबंधक को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा चुके हैं।

समिति में शामिल थे 6 अफसर
सड़क सुरक्षा समिति की उप समिति के अध्यक्ष कलेक्टर हैं जबकि सदस्य सचिव ट्रैफिक के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक। उपाध्यक्ष के रूप में पुलिस अधीक्षक भी समिति में रहे। इसके अलावा सदस्य के रूप में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, आयुक्त नगर निगम, प्रबंधक मप्र सड़क विकास निगम को शामिल किया गया था। उक्त सड़क के रखरखाव का जिम्मा मप्र सड़क विकास निगम चंबल संभाग के पास है। जांच समिति को उक्त एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव रीजनल ऑफिस भेजा गया है। वहीं जांच समिति के सदस्यों ने दुर्घटना स्थल पर स्पीड रडार लगाकर स्पीड 50 किमी तय करने का सुझाव दिया।

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