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  • The Debit Card Of The Retired Teacher Was Kept At Home, 61 Thousand Rupees Were Removed From The Account, When We Reached The Booth To Withdraw Money, It Was Found Out.

डेबिट कार्ड की क्लोनिंग से ठगी:घर पर रखा था रिटायर्ड शिक्षक का डेबिट कार्ड, खाते से निकल गए 61 हजार रुपए, बूथ पर रुपए निकालने पहुंचे तब पता लगा

ग्वालियरएक महीने पहले
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  • तीन महीने में ठगी की 26 वारदातें
  • पुलिस सिर्फ दो मामलों में आराेपी पकड़ पाई, पुलिस अधीक्षक अब एडवायजरी जारी करेंगे

डेबिट कार्ड घर पर रखा रहा और 64 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 61 हजार रुपए निकल गए। उन्हें पैसे निकलने का एसएमएस भी नहीं मिला, क्योंकि बैंक खाते में दर्ज उनका मोबाइल नंबर बंद था। घटना 19 से 5 मई के बीच की है, लेकिन उन्हें इस बारे में गुरुवार शाम को तब पता चला जब वे विनय नगर स्थित एटीएम बूथ पर रुपए निकालने पहुंचे। उनके खाते का बेलैंस महज 1200 रुपए बचा था।

लिस को आशंका है कि डेबिट कार्ड की क्लोनिंग कर पैसा निकाला गया है। इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। पिछले तीन महीने में डेबिट कार्ड की क्लाेनिंग और एटीएम बूथ पर बुजुर्गाें की मदद के बहाने उनके कार्ड काे बदलकर 26 वारदातें ठगाें ने अंजाम दी है। पुलिस इनमें से दाे मामलाें में आराेपियाें काे पकड़ पाई है। इनके अलावा डेबिट कार्ड को ओटीपी पूछकर 63 लोगों के खातों से रुपए निकाले गए हैं। एसपी अमित सांघी का कहना है कि डेबिट कार्ड बदलकर ठगी और क्लोनिंग जैसे मामलों के लिए एडवायजरी जारी करेंगे। ठगी की घटनाओं की जांच चल रही है।

बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने के कारण कैश निकलने का पता नहीं लगा
विनय नगर निवासी रिटायर्ड शिक्षक रामकुमार तिवारी (64) गुरुवार शाम करीब 4.30 बजे डेबिट कार्ड लेकर रुपए निकालने के लिए एटीएम बूथ पर पहुंचे थे। उन्होंने 5 हजार रुपए निकालने के लिए प्रोसेस की, लेकिन खाते में सिर्फ 1200 रुपए ही मौजूद थे। इसके बाद वे घर पहुंचे और बेटे को जानकारी दी। बेटे ने बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल कर बात की तो उनके खाते से पहले ही रकम निकलने की पुष्टि हुई। आखिर में पिता-पुत्र ने बहोड़ापुर थाने पहुंचकर शिकायत की। श्री तिवारी को खाते से रुपए निकालने की भनक भी नहीं लगी, क्योंकि उनके बैंक खाते से जो मोबाइल नंबर लिंक है, वह नंबर कई दिन से बंद है।

ऐसे होती है कार्ड की क्लाेनिंग
ठग एटीएम मशीन में डेबिट कार्ड को स्कैन करने वाली जगह पर चिप लगा देते हैं। इस कारण जब कोई बूथ से रुपए निकालने के लिए डेबिट कार्ड स्क्रैच करता है तो चिप उसका डेटा रीड कर लेती है। वहीं की-बोर्ड पर पोर्टेबल कैमरा भी लगा होता है जिससे ठगों को आपका पिन पता लग जाता है। इसी डेटा की मदद से ठग नया कार्ड बना लेते हैं और फिर आपके खाते से रुपए निकाल लेते हैं। इस कारण ऐसी घटना से बचने के लिए एटीएम में कार्ड स्केन करने वाली जगह को छूकर अच्छी से देखें, इसके बाद रुपए निकालें।

ये सावधानी बरतें तो बचेंगे

  • एटीएम बूथ पर डेबिट कार्ड से रुपए निकालते वक्त आसपास किसी को खड़ा न रखें। किसी को अपना गोपनीय पिन न देखने दें और यदि कोई इस दौरान आपकी मदद करने की बात कहे तो उसे कार्ड न दें।
  • डेबिट कार्ड का ओटीपी किसी को न बताएं, कोई भी बैंक या अन्य फाइनेंस संस्थान आपका ओटीपी नहीं पूछते। यदि इस तरह का कॉल आए तो पहले बैंक में जाकर संपर्क कर लें।
  • जो मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से लिंक है, उसे चालू रखें जिससे रुपए निकलने के मैसेज मोबाइल पर आ सकें।
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