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MP में एक दरवाजे से डोली, दूसरे से उठी अर्थी:शादी की तैयारियों में लगी भाभी की करंट लगने से मौत, बिना बताए कराने पड़े ननद के फेरे; आधे लोग शादी में शामिल थे तो आधे मातम में

ग्वालियर2 महीने पहले
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एक दिन पहले पति के साथ रेणू घर में शादी की तैयारियों में जुटी थी। - Dainik Bhaskar
एक दिन पहले पति के साथ रेणू घर में शादी की तैयारियों में जुटी थी।
  • माधवगंज सात भाई की गोठ की घटना, पुलिस ने किया मर्ग कायम

ग्वालियर में सोमवार रात दिल दहला देने वाली घटना हुई। घर के एक दरवाजे से शादी के बाद ननद की विदाई हो रही थी तो उसी घर के दूसरे दरवाजे से उसकी भाभी की अर्थी उठ रही थी। ननद की शादी की तैयारियों में लगी भाभी बिजली के पोल की चपेट में आई और करंट लग गया। तड़पते हुए उसने वहीं दम तोड़ दिया। चंद मिनट में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।

माधवगंज थाना क्षेत्र के सात भाई की गोठ निवासी 31 वर्षीय अजय पाल पुत्र गोविन्द पाल नगर निगम में कर्मचारी है। सोमवार को उनकी चचेरी बहन मनाली की शादी थी। कोरोना संक्रमण के चलते मैरिज गार्डन व होटलों से शादी प्रतिबंधित थी, इसलिए वह घर से ही सीमित संख्या में शादी का कार्यक्रम कर रहे थे। शादी में सभी काम की जिम्मेदारी अजय की 28 वर्षीय पत्नी रेणु पर थी।

सोमवार दोपहर शादी की कुछ रस्में पूरी होने के बाद रेणु पास ही अपने दूसरे घर जाने लगीं। गली में टेंट लगा था इसलिए वह पीछे से निकलकर जा रही थीं। यहीं एक पोल से करंट का तार टच हो रहा था। पोल पर हाथ रखते ही वह करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गईं। मामले का पता चलते ही परिजन तथा अन्य रिश्तेदार उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों के इलाज शुरू करने से पहले ही रेणु ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। हादसे का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया।

खुशियां बदली मातम में

शादी होने के कारण हर तरफ हंसी-ठिठोली हो रही थी। रेणु की मौत का पता चलते ही पल-भर में खुशियां मातम में बदल गई। इसके बाद तो सीमित कार्यक्रम को आनन-फानन में और छोटा कर सिर्फ फेरे और विदा तक सिमटा दिया गया।

दृश्य दिल दहला देने वाला था

सोमवार रात के समय घर के एक दरवाजे से ननद की डोली विदा हो रही थी और उसे पता था कि उसकी भाभी नहीं रही हैं। इसी के पास दूसरे दरवाजे से दुल्हन की भाभी की अर्थी उठ रही थी। आधे लोग इस तरफ थे तो आधे उस तरफ। ननद की विदाई से कुछ देर पहले भाभी के शव को अंतिम विदाई दी गई। यह दृश्य दिल दहला देने वाला था।

तीन छोटे बच्चे हैं

रेणू के तीन बच्चे हैं। सभी बच्चे छोटे हैं, जिनमें बड़ा बेटा देव पाल 10 साल, उससे छोटी बेटी मानसी 8 साल और सबसे छोटी बेटी नैनसी महज 4 साल की है। रेणु के बारे में बताया गया है कि वह काफी मिलनसार व हंसमुख थी और उसके व्यवहार के कारण हर कोई उससे काफी खुश रहता था, जिसने भी उसकी मौत की सूचना सुनी वह स्तब्ध रह गया।

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