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ओमिक्रॉन की दहशत...:कभी भी आ सकती है कोरोना की तीसरी संभावित लहर, न बच्चों के ICU शुरू हुए और न नए अस्पताल का C-BLOCK हुआ हैंडओवर

ग्वालियरएक महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • - तैयारियां भी अधूरी, स्वास्थ्य विभाग का दावा, जल्द होंगे सारे इंतजाम

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दहशत मचा दी है। जानकार मान रहे हैं कि कोविड की तीसरी संभावित लहर की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सरकार से लेकर अफसर तक भी चिंता में हैं, लेकिन ऐसे में ग्वालियर तीसरी लहर से निपटने में कितना तैयार है इसको भी देखना जरुरी। जुलाई माह से बार-बार प्रशासन यह दावा कर रहा था कि कोरोना से निपटने के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं, लेकिन ये दावे हकीकत में नहीं बदल पाए।
ऑक्सीजन के लिए जयारोग्य चिकित्सालय, जिला अस्पताल मुरार और सिविल अस्पताल हजीरा में प्लांट लग गया है, लेकिन जेएएच काे छाेड़ कर किसी अस्पताल में पीडियाट्रिक ICU शुरू नहीं हो पाया है। सिविल अस्पताल हजीरा में तो पीडियाट्रिक ICU बना ही नहीं है। उधर जयारोग्य चिकित्सालय परिसर में बन रहे 1000 बिस्तर के अस्पताल का सी-ब्लॉक का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। यह अभी तक प्रशासन के हैंडओवर नहीं हो सका है।
पीडियाट्रिक ICU डेंगू-वायरल से फुल
जयारोग्य चिकित्सालय में डेंगू-वायरल के कारण इस ICU में 36 से बढ़ाकर 56 बेड किए गए हैं, जाे फुल हैं। अब यदि काेराेना से बच्चे बीमार हुए ताे उन्हें भर्ती करना मुश्किल हाेगा। यहां कम से कम 150 बेड का इंतजाम करना हाेगा। जेएएच में 4 ऑक्सीजन प्लांट चल रहे हैं लेकिन सन फार्मा का प्लांट काम नहीं कर रहा था। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ पहले ही कंपनी के अधिकारियों से कह चुके हैं कि वह अपना पुराना प्लांट ले जाएं अन्यथा नया लगाकर दें। ट्रायल रन में भी यहां एक प्लांट में परेशानी दिखी थी।
जिला अस्पताल में न सीटी स्कैन मशीन लगी और न बेड बढ़ाए
-जिला अस्पताल मुरार में ऑक्सीजन प्लांट लग गया है और मेडिसिन ICU भी शुरू हो गया है, लेकिन न सीटी स्कैन मशीन लगी है और न बेड बढ़ाए गए हैं। जिला अस्पताल मुरार में 10 बेड का पीडियाट्रिक ICU भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है कि यह पीडियाट्रिक ICU जल्द शुरू हो जाएगा। अभी हाल ही में एक बैठक में स्वास्थ्य विभाग के पीएस ने तीन दिन में ICU शुरू करने के निर्देश दिए हैं। CMHO का दावा है कि सब कुछ तैयार है और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है। जल्द इसे शुरू कर लिया जाएगा।
1000 बेड के अस्पताल में सी-ब्लॉक का काम धीमा
- जेएएच परिसर में ही 1 हजार बेड का अस्पताल के सी ब्लाॅक का काम धीमी गति से चल रहा है। न फर्नीचर मिला है और न स्टाफ। जबकि प्रभारी मंत्री और अफसरों ने अगस्त में इस अस्पताल को चालू करने की बात कही थी। पर स्टाफ की कमी के साथ ही संसाधनों की कमी के चलते यह मामला भी लटका हुआ है, सरकार का दावा था कि कोरोना की तीसरी लहर में इस सी-ब्लॉक का अहम रॉल रहेगा। इससे लोगों को अच्छा इलाज मिलेगा। पर अब यह भी अधर में हैं।
सिविल अस्पताल हजीरा
- यहां ऑक्सीजन प्लांट लग गया है, वार्ड बन गए हैं, लेकिन पीडियाट्रिक ICU का काम ही शुरू नहीं हो पाया है। यहां सिर्फ 17 नर्सिंग स्टाफ है। मेडिसिन और पीडियाट्रिक विशेषज्ञ नहीं है। सिर्फ 30 मरीज भर्ती हो सकते हैं। ऐसे में कोविड की तीसरी लहर आ जाती है तो यहां 18 साल से कम उम्र के बच्चों के इलाज के लिए कोई सुविधा ही नहीं होगी। ऐसे में पूरा लोड जयारोग्य अस्पताल पर पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग का दावा
-CMHO का दावा है कि तीन दिन में मुरार का पीडियाट्रिक ICU शुरू हो जाएगा। सारे संसाधन तैयार हैं। स्टाफ ट्रेनिंग चल रही है। हजीरा सिविल अस्पताल में भी आईसीयू बनने की बात कही है, लेकिन पीडियाट्रिक ICU पर कुछ नहीं कह सके हैं। दावा तो यह किया जा रहा है कि वह पूरी तरह तैयार है, लेकिन नजर नहीं आता।

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