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वकील हड़ताल पर, खुद की अपनी पैरवी:7 दिन साथ रही पत्नी, 11 साल से पति मांग रहा था तलाक, कोर्ट में बोला- जहां भी नौकरी करता हूं वहां पहुंचकर कैरेक्टर लेस बताकर हटवा देती है

ग्वालियर19 दिन पहले
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वकील इस तरह कोर्ट परिसर में करते रहे प्रदर्शन अंदर पक्षकार खुद की करते रहे पैरवी - Dainik Bhaskar
वकील इस तरह कोर्ट परिसर में करते रहे प्रदर्शन अंदर पक्षकार खुद की करते रहे पैरवी

माई लॉर्ड, 11 साल से पत्नी से तलाक के लिए केस लड़ रहा हूं। शादी के बाद वह सिर्फ 7 दिन साथ रही और उसके बाद मायके चली गई। पत्नी ने मेरा जीना मुश्किल कर दिया है। केस जीतने के लिए मुझे कैरेक्टर लेस साबित करना चाहती है। जहां भी नौकरी करने जाता हूं वहां पहुंच जाती है। चरित्रहीन कहकर बदनाम करती है। जिससे मेरी कई नौकरियां तक छूट चुकी हैं। अब अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहा हूं। अब मुझ पर रहम कीजिए और तलाक दिलवा दीजिए। कैसे भी मुझे तलाक चाहिए। गुरुवार को हाईकोर्ट में वकीलों की हड़ताल होने पर एक पक्षकार ने अपने तलाक के मामले में कुछ इस तरह पैरवी की। कोर्ट ने उसकी बात को सुना और 20 अक्टूबर की तारीख दे दी है। गुरुवार को स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर अधिवक्ता हड़ताल पर थे। कोर्ट में केस में पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए। ऐसे में पक्षकारों को खुद ही अपने केस की पैरवी करना पड़ी है। उधर अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते सैकड़ों केस की सुनवाई प्रभावित होने के आसार हैं। हाई कोर्ट में करीब 700 केस प्रभावित होंगे, जबकि जिला कोर्ट में 2000 केस प्रभावित होने की संभावना है।

गुरुवार को ग्वालियर निवासी राजीव (बदला हुआ नाम) के तलाक के मामले की सुनवाई थी, लेकिन कोई वकील पैरवी के लिए नहीं आया तो उसने ही अपने मामले की पैरवी करते हुए कोर्ट के सामने पक्ष रखा। युवक ने बताया कि उसकी शादी 12 साल पहले हुई थी। शादी के बाद पत्नी सिर्फ 7 दिन साथ रही और उसके बाद मायके चली गई फिर नहीं लौटी। काफी मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। अब 11 साल से वह तलाक के लिए केस लड़ रहा है। न तो तलाक मिल रहा है न ही पत्नी उसे चेन से जीने दे रही है। जहां भी वह नौकरी करने जाता है वहीं पत्नी पहुंचकर उसे कैरेक्टर लेस का आरोप लगाकर नौटंकी करती है। जिस कारण उसे नौकरी से हटा दिया जाता है। बार-बार नौकरी छूट रही है। बीते एक साल में सात नौकरी बदल चुका है। इस मामले में कोर्ट ने पूछा क्या चाहते हो उसने कहा कि मुझे किसी भी हालात में तलाक चाहिए। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 अक्टूबर की तारीख लगा दी है।
पिता ने की पैरवी, 90 दिन की मिली जमानत
रामनरेश को भिंड कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभी वह भिंड जेल में बंद है, लेकिन उसे आंखों की बीमारी होने से कुछ दिखाई नहीं देता है। आजीवन कारावास की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती देने याचिका लगाई गई थी। गुरुवार को इस अपील पर सुनवाई थी, लेकिन याचिकाकर्ता के वकील पैरवी के लिए उपस्थित नहीं हुए। रामनरेश के पिता ने बेटे की जमानत के लिए पैरवी की। उन्होंने कहा कि उसे आंखों से दिखाई नहीं देता है। कोर्ट जो शर्तें लगाएगा, उसका पालन करेंगे। पर उसे इलाज की जरूरत है। कोर्ट ने रामनरेश को 90 दिन की अंतरिम जमानत दे दी।
क्यों रहे वकील हड़ताल पर
जबलपुर में वकील अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, पुलिस ने वकीलों के साथ अभद्रता कर दी। जिसके चलते वकील गुस्से में हैं। पुलिस के इस दखल का विरोध करने के लिए प्रदेश स्तर पर हड़ताल का आह्वान किया गया था। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस हडताल का समर्थन किया था। जिस कारण गुरुवार को कोर्ट तो खुले लेकिन वकीलों ने काम नहीं किया। हाईकोर्ट, सेशल कोर्ट में कई मामले प्रभावित हुए हैं।

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