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ग्वालियर में सांसों के लिए जद्दोजहद:तीसरी लहर की आशंका JAH अस्पताल के बाद मुरार और हजीरा भी ऑक्सीजन के लिए हुए आत्मनिर्भर, सेन्ट्रल सिस्टम लगा

ग्वालियरएक वर्ष पहले
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जिला अस्पताल मुरार में बनकर तै - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल मुरार में बनकर तै
  • JAH में 6 ऑक्सीजन प्लांट, मुरार में 10 दिन में शुरू हो जाएगा नया प्लांट, हजीरा में अगस्त तक होगा शुरू

कोरोना की दूसरी लहर के बाद हर जगह एक ही चर्चा है अब तीसरी लहर आने वाली है। लोगों के बीच, सोशल मीडिया पर यह चर्चा बहुत सामान्य हो चुकी है, लेकिन हम आपको बता दें कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का डर आम लोगों में ही नहीं शासन, जिला प्रशासन को भी है। यही कारण है कि दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से उखड़ती सांसों का जो मंजर अफसरों ने देखा था उससे सबक लिया है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चल रहा है।

दूसरी लहर में संक्रमित मरीज सिर्फ JAH के भरोसे थे। पर अब सिविल हॉस्पिटल हजीरा, जिला अस्पताल मुरार भी सेन्ट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से लैस हो गए हैं। जेएएच में ट्रॉमा व कार्डियक सेंटर के पास हवा से ऑक्सीजन बनाने के दो प्लांट लगाए गए हैं। चार प्लांट पहले से तैयार हैं जो करीब 40 हजार किलोलीटर से ज्यादा ऑक्सीजन तैयार करने की क्षमता रखते हैं। 10 दिन में मुरार अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने जा रहा है। कुछ जगह प्रस्तावित हैं वहां सितंबर से पहले प्लांट काम करने लगेंगे।

मुरार जिला अस्पताल, यहां ट्रॉमा सेंटर व पोस्टमार्टम हाउस के पीछे बना है ऑक्सीजन प्लांट
मुरार जिला अस्पताल, यहां ट्रॉमा सेंटर व पोस्टमार्टम हाउस के पीछे बना है ऑक्सीजन प्लांट

पहली लहर में क्या थे हालात

  • ऑक्सीजन को लेकर पहली लहर में सिर्फ JAH के भरोसे थे। सुपर स्पेशियलिटी में कोरोना संक्रमित का लोड था। क्योंकि यहां ऑक्सीजन प्लांट पहले से थे। JAH में सुपर स्पेशियलिटी, पत्थर वाली बिल्डिंग-न्यूरोसर्जरी, कार्डियक सेंटर के बाहर ऑक्सीजन प्लांट थे। जो प्रत्येक प्लांट से 10 हजार किलोलीटर ऑक्सीजन मिल रहा था। पहली लहर में हालात उतने खराब नहीं हुए थे। जिला अस्पताल मुरार, हजीरा सिविल अस्पताल व अन्य कहीं ऑक्सीजन प्लांट नहीं था।

दूसरी लहर ने दिखाया उखड़ती सांसों का मंजर

  • पहली लहर को हल्के में लेने के बाद शासन, जिला प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की। इस लापरवाही की सजा आम लोगों ने भुगती। कोरोना वायरस के साथ ऑक्सीजन सबसे बड़ा संकट बना। ऑक्सीजन की कमी से सांसें उखड़ती रही और बेकसूर दम तोड़ते रहे। ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र से ऑक्सीजन मंगानी पड़ी। आनन फानन में प्लांट लगाने के ऑर्डर जारी किए गए। दूसरी लहर के बाद तीन जगह ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए।

तीसरी लहर के डर ने तेजी से कराए काम

  • तीसरी लहर आने वाली है और हम धीरे-धीरे ऑक्सीजन में आत्मनिर्भन बनने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। JAH में लिक्विड ऑक्सीजन के 4 प्लांट, दो प्लांट हवा से ऑक्सीजन बनाने के अभी तक लग चुके हैं। इसके साथ ही JAH पर निर्भरता को खत्म करने मुरार जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट लगभग बनकर तैयार हो चुका है। दावा है 10 से 15 दिन में इसे चालू कर दिया जाएगा। सिविल हॉस्पिटल हजीरा में ऑक्सीजन प्लांट के लिए टेंडर जारी हो गए हैं। युद्ध स्तर पर उसे बनाने की योजना है। सितंबर के पहले सप्ताह तक बनाने का दावा है।

यह हैं अभी ऑक्सीजन प्लांट

  • JAH में न्यूरोसर्जरी, पत्थर वाली बिल्डिंग, सुपर स्पेशियलिटी व कमलाराजा में 4 ऑक्सीजन प्लांट पहले से तैयार हैं। इनसे कुल 40 हजार किलोलीटर ऑक्सीजन मिल रहा है। यह आइनोक्स ने प्लांट तैयार किए हैं।
  • JAH के ट्रॉमा सेंटर और कार्डियक सेंटर में 10 दिन के अंतराल पर दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। यह प्लांट हवा से ऑक्सीजन बनाकर सप्लाई करेंगे।
  • जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का काम जोरो पर चल रहा है। सिर्फ 1 से डेढ़ महीने में प्लांट तैयार है। तीन दिन पहले ऑक्सीजन टैंक भी लगा दिए गए हैं। दावा है 10 से 15 दिन में शुरू हो जाएगा। यहां UPL कंपनी CSR फंड से प्लांट लगा रही है।
  • ऑक्सीजन सिलेंडर भी बढ़ाए जा रहे हैं। अभी 300 के लगभग ऑक्सीजन सिलेंडर भी बढ़ाए हैं। क्योंकि दूसरी लहर में खाली सिलेंडर भी परेशानी बने हुए थे।

यहां अगस्त-सितंबर तक शुरू होंगे ऑक्सीजन प्लांट

  • सिविल अस्पताल हजीरा यहां सेन्ट्रल ऑक्सीजन सिस्टम डवलव हो चुका है। यहां लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के लिए टेंडर तक निकल चुके हैं। दावा हैं अगस्त-सितंबर के बीच में प्लांट शुरू हो जाएगा।
  • एक हजार बिस्तर के अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगना प्रस्ताविद है। जल्द टेंडर होने हैं।
  • थाटीपुर डिस्पेंसरी, जनकगंज डिस्पेंसरी में भी प्लांट का प्रस्ताव है

तेजी से काम कर रहे हैं

  • हम बहुत तेजी से ऑक्सीजन प्लांट बढ़ा रहे हैं। जिससे वापस दूसरी लहर जैसी स्थिति न बने। जेएएच के अलावा मुरार और हजीरा में भी ऑक्सीजन प्लांट पर तेजी से काम हो रहा है।

डॉ. मनीष शर्मा, CMHO ग्वालियर

कमियां दूर कर रहे हैं

  • कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद अस्पतालों में जो कमियां रह गई हैं, उन्हें शीघ्रता से दूर किया जा रहा है।

प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जामंत्री मध्य प्रदेश व कोविड प्रभारी ग्वालियर

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