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ग्वालियर शहर की प्यास बुझाने वाला तिघरा ही प्यासा:2 वर्ष में भरने वाला तिघरा, खदानों और स्टॉप डेम की रुकावट के बाद 3 साल में भी भरना हुआ मुश्किल

ग्वालियर6 दिन पहलेलेखक: संजय बौहरे
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पानी कम होने से खाली दिखता तिघरा बांध। - Dainik Bhaskar
पानी कम होने से खाली दिखता तिघरा बांध।

शहर की प्यास बुझाने वाला तिघरा बांध खुद प्यासा है। कारण, इसके 412 वर्ग किमी के कैचमेंट एरिया (जल संग्रहण क्षेत्र) का कम होते जाना है। बांध की जल संग्रहण क्षमता 4250 एमसीएफटी है। मौजूदा कैचमेंट एरिया के हिसाब से बांध को पूरी क्षमता से भरने के लिए दो साल लगते हैं। ऐसे में जरूरत तिघरा के कैचमेंट को बढ़ाने की थी, लेकिन इसके उलट तिघरा के कैचमेंट में सांक नदी पर 6 स्टॉपडेम बनने और घाटीगांव क्षेत्र में खदानों में हुए अंधाधुंध उत्खनन ने तिघरा की जल संग्रहण क्षमता को 800 एमसीएफटी और कम कर दिया है। अब तीन साल में भी इसका भरना मुश्किल है। शेष|पेज 8 पर

शिवपुरी के बांधों से मिलती है राहत: शिवपुरी जिले में मौजूद ककैटो, पहसारी जैसे बांधों में जब भरपूर पानी होता है, तब वहां से छोड़े जाने वाले पानी से तिघरा में पानी आने से थोड़ी राहत मिलती है। कभी बारिश कम होती है तो ककैटो और पहसारी ही खाली रह जाते हैं। ऐसे में तिघरा को पानी मिलने का सवाल ही नहीं उठता है।

यह है रुकावट... स्टॉपडेम और खदानों के कारण बांध में नहीं पहुंच पा रहा पानी।
यह है रुकावट... स्टॉपडेम और खदानों के कारण बांध में नहीं पहुंच पा रहा पानी।

पानी लिफ्ट करने में 19.30 करोड़ खर्च: तिघरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बढ़ती बाधाओं के चलते बांध को भरने के लिए 2007 और 2017 में ककैटो और पहसारी से पंप के जरिए पानी लिफ्ट कर लाया गया था। इस पर 19.30 करोड़ रुपए की राशि खर्च हुई थी। यहां 2014 से ककैटो, अपर ककैटो और पहसारी से पानी लिफ्ट करना पड़ता है।

  • 412 वर्ग किमी है कैचमेंट एरिया, कुल जल संग्रहण क्षमता 4250 एमसीएफटी
  • 739 फीट है कुल जल स्तर
  • 720.50 फीट है वर्तमान में जल स्तर

कैचमेंट में बाधाएं भविष्य में पानी का बड़ा संकट खड़ा कर सकती हैं
तिघरा बांध के कैचमेंट में नदी पर बने स्टॉप डेम और अवैध उत्खनन से भविष्य में तिघरा के साथ ही शहर के लिए पानी का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। कैचमेंट क्षेत्र में नए बने डेमों के पीछे खुदाई होने से 800 एमसीएफटी पानी रुकने की आशंका है।
- आरएल धाकड़, एसडीओ, जल संसाधन विभाग

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