घाटीगांव जनपद पंचायत:घुरसेड़ी पंचायत में हार के बाद मतपेटी लूटने और जलाने वाले 8 गिरफ्तार, री-पोल मंगलवार को

ग्वालियर7 महीने पहले

शनिवार रात को मतदान के बाद मतगणना का काम चल रहा था। हार-जीत की अनौपचारिक घोषणा पर प्रत्याशियों की प्रतिक्रिया भी मिल रही थी। इसी दौरान घाटीगांव जनपद की घुरसेड़ी ग्राम पंचायत में प्रत्याशी पति रविन्द्र सिंह गुर्जर को हार का पता लगा तो समर्थकों ने हंगामा कर मतगणना दल पर हमला कर मतपेटियां लूट लीं। हंगामा करने वाले करीब 100 से डेढ़ सौ लोग थे। हमलावरों ने झाड़ियों में मतपेटियां फेंककर मतपत्र में आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में सरपंच पति प्रत्याशी रविन्द्र गुर्जर सहित 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां रीपोल की घोषणा कर दी गई है।मंगलवार को यहां फिर मतदान होगा।

इनको किया गया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में पीठासीन अधिकारी विजय नारायण की शिकायत पर घुरसेड़ी से सरपंच प्रत्याशी पति रविंद्र सहित 20 लोगों पर FIR दर्ज की है। प्रकरण दर्ज करने के बाद पुलिस ने प्रत्याशी पति रविंद्र गुर्जर सहित केदार सिंह, जरदान सिंह, छोटू, कल्लू, जोगेंद्र, मुनेश सिंह व बंटी को गिरफ्तार कर लिया।

सौजना से 26 साल की पंचशीला होंगी सरपंच

ग्वालियर की घाटीगांव जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सौजना ने इस बार 26 वर्षीय पंचशीला बंटी आदिवासी को जीत दिलाकर सरपंच बनाया है। पंचशीला का आम महिला से सरपंच पद का रास्ता काफी कठिनाइयों भरा रहा है। वह गरीब आदिवासी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शायद आप नहीं जानते होंगे कि पंचशीला की कुल चल-अचल संपत्ति सिर्फ 200 रुपए हैं। वहीं बात करें उनके पति बंटी आदिवासी की चल-अचल संपत्ति की तो वह 2500 रुपए हैं। ऐसे में 2700 रुपए कुल संपत्ति वाली पंचशीला अब सरपंच बन गई हैं। वह साक्षर हैं और सरपंच पद उन्हें किस्मत से भी मिला है। सौजना ग्राम पंचायत की सीट अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित हुई तो गांव से सिर्फ दो महिलाएं ही मैदान में रहीं। दूसरी प्रत्याशी ने भी मतदान से पहले पंचशीला को समर्थन दिया था।

घाटीगांव जनपद की ग्राम पंचायत में यह जीते

- ग्राम पंचायत सुरहेला से शिल्पा गुलाब की 25 वोट से जीत
- ग्राम पंचायत सिगोरा से नब्बा आदिवासी की 127 वोट से जीत
- ग्राम पंचायत जेबरा से मुकेश प्रजापति 250 वोट से जीता
- ग्राम पंचायत ओड़पुरा से अशोक सिंह गुर्जर 192 वोट से जीत
- ग्राम पंचायत मेहदपुर से रेखा गणेश पाल 4 वोट से जीती
- ग्राम पंचायत कैथा से हुकुम सिंह कुशवाहा 12 वोट से जीत
- ग्राम पंचायत रामपुरा से सरोज भरत उर्फ कल्लू यादव 75 वोट से जीती
- ग्राम पंचायत लखनपुरा से लाली भूरा गुर्जर 91 वोट से जीती
- ग्राम पंचायत नयागांव से रामकली आदिवासी जीती
- ग्राम पंचायत मांगोपूरा से सियाराम जीते
- ग्राम पंचायत मिलावली से ममता सुरेश बघेल जीतीं
- ग्राम पंचायत कुलैथ से दीपू यादव 500 वोट से जीते
- ग्राम पंचायत सभराई से बिन्नू रावत जीतीं
- ग्राम पंचायत घाटीगांव से लक्ष्मीनारायण जाटव जीतीं
- ग्राम पंचायत बन्हेरी से विक्रम सिंह रावत 125 वोट से जीते
- ग्राम पंचायत बड़कागांव से गीताबाई गजेन्द्र तोमर जीतीं
- ग्राम पंचायत पाटई से केशकुमारी आदिवासी 702 वोट से जीतीं
- ग्राम पंचायत चैत से सुनीता जंडेल सिंह 408 वोट से जीतीं
- ग्राम पंचायत करई से मुकेश बघेल 55 वोट से जीते
- ग्राम पंचायत निरावली से अतर सिंह यादव जीते
- ग्राम पंचायत सौजना से पंचशीला बंटी आदिवासी जीतीं
- ग्राम पंचायत चराईडांग से मीरा देवेंद्र 100 वोट से जीतीं
- ग्राम पंचायत सिरसा से रमेश चौकोटिया जीते

सबसे कम मतदान वाली जनपद रही घाटीगांव
ग्वालियर की सबसे छोटी जनपद पंचायत घाटीगांव में जिले का सबसे कम मतदान हुआ है। यहां सिर्फ 54.1 फीसदी ही मतदान हुआ है, जबकि अन्य जनपद में मतदान का प्रतिशत 65 से 70 फीसदी तक रहा है। ग्वालियर की चार जनपद में से घाटीगांव जनपद ऐसी जनपद है जहां डकैतों का भी साया रहा है। यहां लोग सुबह-सुबह तो मतदान करने निकले, लेकिन दोपहर में वो जोश नजर नहीं आया है।घाटीगांव की कई पंचायत अति संवेदनशील होने के बाद भी वहां शाम तक किसी घटना की सूचना नहीं आई थी। मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जिगसोली और घुरसेडी ग्राम पंचायत में देर रात मतगणना के बाद विवाद के हालात बने हैं। यहां काफी मात्रा में पुलिस फोर्स लगाया गया था। यही कारण है कि यहां मतदान का प्रतिशत कम रहा है। 54.1 फीसदी मतदान में 58.4 प्रतिशत मतदाता महिला हैं।

एसएसपी ने खुद किया निरीक्षण

-ग्वालियर में सुबह-सुबह घाटीगांव, डबरा व भितरवार के लिए एसएसपी अमित सांघी खुद निरीक्षण पर निकले हैं। सबसे ज्यादा फोर्स यहीं लगाया गया है। सुबह तक सभी जगह हालात सामान्य रहे हैं कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
मतदान केन्द्र के 100 मीटर के दायरे में प्रवेश नहीं
- पुलिस और प्रशासन ने मतदान केन्द्र के 100 मीटर के दायरे को पुलिस छावनी में बदल दिया था। मतदान केन्द्र के आसपास वोटर के अलावा किसी को भी आने जाने की इजाजत नहीं थी। प्रत्याशियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही थी। प्रशासनिक टीम लगातार सर्चिंग करती रही और पुलिस को साफ निर्देश थे कि जरा भी कोई आचार संहिता का उल्लघंन करने का प्रयास करे तो तत्काल एक्शन लें।
कई पंचायत में वायरलेस सेट भी काम नहीं करता
- इस जनपद की कई पंचायतें जैसे भंवरपुरा व आरोन के इलाके में पुलिस के वायरलेस सेट भी फेल हो जाता है। ऐसे में यहां जो पोलिंग बूथ बनाए गए हैं वहां से देर रात ही जानकारी आ सकी। यहां पुलिस ने नेटवर्क के लिए अलग से सिम दी थीं।