ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस अग्निकांड:जिम्मेदारों को बचाने जांच की दिशा बीड़ी-सिगरेट की ओर मोड़ी

ग्वालियर2 महीने पहले
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  • जांच के नाम पर लीपापोती करने की रेलवे अफसर कर रहे तैयारी

धौलपुर-मुरैना के बीच हेतमपुर स्टेशन पर 26 नवंबर को ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस के ए-1, ए-2 कोच में लगी आग की जांच की दिशा को रेलवे अफसरों ने बीड़ी-सिगरेट की ओर मोड़ दिया है। सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) की टीम में शामिल ज्यादातर अफसर इस अग्निकांड के दोषियों को बचाना चाहते हैं, जबकि एसी कोच में सवार रनिंग स्टाफ और यात्रियों ने साफ तौर पर बयान दिया है कि कोच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट है। इसका कारण यात्रियों ने बताया कि आग टॉयलेट के पास ऊपर के हिस्से में लगी है। इससे यह बात साफ होती है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी। ज्वॉइंट नोट में भी बीड़ी-सिगरेट से आग लगना बताया था।

अब एसएजी की टीम यदि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात मानकर जांच की दिशा घुमाती है, तो इलेक्ट्रिक विभाग के अफसरों का फंसना तय है, लेकिन अपनों को बचाने के लिए ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस में लगी आग की जांच की आंच रेलवे के जिम्मेदार अफसरों तक नहीं पहुंचे इसलिए पूर्व में ट्रेनों में लगी आग का कारण बीड़ी-सिगरेट मानकर चल रहे हैं, ताकि इस अग्निकांड के दोषी यात्री मान लिए जाएं और रेलवे के जिम्मेदार साफ तौर पर बच जाएं। आग लगने का कारण यदि यात्री बने, तो रेलवे के जिम्मेदार पूर्व की तरह बच निकलेंगे।

विशाखापट्‌टनम एक्सप्रेस में लगी आग को जांच टीम ने सिगरेट माना था

लगभग साढ़े तीन साल पहले 21 मई 2018 को बिरला नगर स्टेशन के पास निजामुद्दीन-विशाखापट्‌टनम एक्सप्रेस के एसी कोच में लग गई थी। इस अग्निकांड की जांच रेलवे अफसरों ने की जिसमें कहा गया कि यात्रियों ने कोच में रखे डस्टबिन में बीड़ी-सिगरेट पीकर डाल दी। इससे ट्रेन में आग लग गई। इसी तरह सिथौली के पास 30 नवंबर 2012 को जीटी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लग गई थी। इस हादसे में भी रेलवे के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई नहीं हुई थी।

यात्रियों ने कहा-कोच में लगे अग्निशमन यंत्र नहीं कर रहे थे काम
हेतमपुर के पास 26 नवंबर को ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस में लगी आग से दो कोच जल गए थे, जबकि एचए-1 कोच आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। तीन कोच में 116 यात्री सवार थे। कोच में लगी आग बुझाने के लिए जब अग्निशमन यंत्र की पिन निकालकर पटका गया तो यह काम नहीं कर रहे थे, लेकिन इस बात को रेल अफसर मानने को तैयार नहीं है।

एसएजी की रिपोर्ट आने के बाद आग के कारणों का पता लगेगा
ऊधमपुर-दुर्ग एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने के कारणों की उच्च स्तरीय जांच हो रही है। मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों के बयान हो चुके हैं। आग लगने का कारण क्या है इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।-मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी मंडल

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