पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Gwalior
  • Trouble Breathing, Kept On High Flow Oxygen Support In The Hospital, Increased Oxygen Level By Lying On The Stomach And Won The Battle

कोरोना वॉरियर:सांस लेने में तकलीफ हुई तो अस्पताल में हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा, पेट के बल लेटकर बढ़ाया ऑक्सीजन का स्तर और जीती जंग

डॉ. चंद्रशेखर वाघमारे । ग्वालियरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोना वायरस से जंग जीतने के बाद डॉ. चंद्रशेखर वाघमारे। - Dainik Bhaskar
कोरोना वायरस से जंग जीतने के बाद डॉ. चंद्रशेखर वाघमारे।

5 अप्रैल को मुझे पहली बार बुखार और खांसी की समस्या हुई तो मैंने कोविड की जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन गले में खराश और सूखी खांसी के कारण मन में शंका रही कि रिपोर्ट गलत (फाल्स पॉजिटिव) भी हो सकती है। सावधानी बतौर 8 अप्रैल को चेस्ट का सीटी स्कैन कराया तो संक्रमण का पता चला। आठ दिन घर में ही रहकर इलाज लिया, लेकिन 16 अप्रैल को ऑक्सीजन लेवल 85 से 88 के बीच आ गया। बिना समय गंवाए जेेएएच पहुंचा और रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मुझे सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया।

18 अप्रैल को ऑक्सीजन लेवल और नीचे गिरने लगा तो डॉक्टर ने हाईफ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। सात दिन ऐसे ही बीत गए। मेरी पत्नी योगा इंस्ट्रक्टर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तो आप ऑक्सीजन सपोर्ट पर ही रहेंगे। संक्रमण से लड़ने के लिए खुद भी कुछ करने की जरुरत है। मैंने कहा कि मैं वार्ड में ही योगा कर लेता हूं तो उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि वार्ड में और भी गंभीर संक्रमित मरीज भर्ती हैं। ऐसे में योगा नुकसानदायक रहेगा। चूंकि मैं स्वयं गजराराजा मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर हूं।

इस कारण कोविड मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स से नियमित चर्चा होती रहती थी। डॉक्टर्स ने मुझे बताया था कि ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए पेट के बल लेटना (प्रोन पोजीशन) लाभदायक होता है। मैंने हिम्मत दिखाते हुए मास्क उतारा और पेट के बलना लेटना शुरू किया। इससे मुझे बहुत ऊर्जा मिली। ये क्रम लगातार जारी रखा। मैं दिन में चार बार 35-35 मिनट के लिए पेट के बल लेटने लगा। धीरे-धीरे ऑक्सीजन की आवश्यकता न के बराबर रह गई। इसके बाद डॉक्टर्स ने मुझे 28 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया। अभी फिलहाल घर पर रहकर आराम कर रहा हूूं।

कमजोरी के बावजूद नियमित रूप से बांसुरी बजाता हूं और पांच मिनट डांस भी करता हूं। मेरा मानना है कि इस बीमारी से लड़ने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मैंने एलर्जी के कारण वैक्सीन नहीं लगवाई लेकिन जो भी इसके लिए पात्र हैं, वे जरूर वैक्सीन लगवाएं। मेरी अन्य कोविड मरीजों को सलाह है कि जो भी काम उन्हें सुख की अनुभूति दे। उन्हें वो सभी काम करना चाहिए। जैसे कि मैं बांसुरी वादन और डांस के माध्यम से अपने शौक पूरे कर रहा हूं। इससे मन को प्रसन्नता मिलती है।

खबरें और भी हैं...