पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लापरवाही का आलम:वायरल और डेंगू के बढ़े मरीज, लेकिन फोगिंग तो दूर पीडि़तों के घर तक नहीं पहुंची हेल्थ टीम

ग्वालियर10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
जयारोग्य अस्पताल के मेल मेडिसिन वार्ड नंबर 2 में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
जयारोग्य अस्पताल के मेल मेडिसिन वार्ड नंबर 2 में भर्ती मरीज।
  • शहर के डेंजर जोन दीनदयाल नगर व आदित्यपुरम में नहीं पहुंचा अमला

शहर में वायरल के साथ डेंगू तेजी से फैल रहा है। जिले में अब तक 64 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। स्थिति यह है कि तीन दिन में ही डेंगू के 30 नए मरीज सामने आए हैं, जिसमें 17 बच्चे हैं। इसके बाद भी प्रशासन डेंगू को लेकर बेखबर है।

शहर में नगर निगम द्वारा न तो कहीं कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जा रहा है और न ही फोगिंग की जा रही है। मलेरिया विभाग की टीम भले ही यह दावा कर रही हो कि वह डेंगू पीड़ित मरीजों के घर-घर जाकर एंटी लार्वा एक्शन प्लान के तहत कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रही है। हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है।

डेंगू के लिए डेंजर जोन कहे जाने वाले दीनदयाल नगर, आदित्यपुरम और सिकंदर कंपू क्षेत्र में डेंगू पीड़ित के घर सप्ताह भर बाद भी मलेरिया विभाग की टीम नहीं पहुंची है। सिकंदर कंपू में तो करीब चार साल पहले एक बच्चे की डेंगू से मौत तक हो गई थी। यह स्थिति तब है जब इन क्षेत्रों में डेंगू के केस ज्यादा मिल रहे हैं।

जिला अस्पताल में दो सप्ताह से नहीं हो रही जांच
जिला अस्पताल मुरार में डेंगू की जांच दो सप्ताह से नहीं हो रही है। आरएमओ डॉ. आलोक पुरोहित का कहना है कि जांच किट के ऑर्डर कर दिए हैं जल्द ही किट आ जाएगी।

वायरस का पता कराने के लिए जांच किट ही नहीं
ग्वालियर में कुछ दिनों में वायरल जनित बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। मरीज को कौन-सा वायरस परेशान कर रहा है, इसका पता लगाने के लिए वायरोलॉजीकल लैब में जांच किट ही नहीं है।

एक ही परिवार के तीन बच्चों को हुआ डेंगू
आदित्यपुरम में रहने वाले एक ही शर्मा परिवार के तीन बच्चों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। परिजन ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि उनके बच्चे को डेंगू हुए सात दिन से अधिक समय हो गया है, लेकिन मलेरिया विभाग की टीम अब तक नहीं आई है।

अब तक नहीं पहुंची मलेरिया विभाग की टीम
शासकीय प्राइमरी स्कूल सिकंदर कंपू निवासी विज्ञान अग्रवाल के 13 साल के बेटे को बुखार आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 9 सितंबर को डेंगू होने की पुष्टि हुई थी। विज्ञान अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां अब तक मलेरिया विभाग की टीम नहीं आई है।

सामान्य मरीजों के साथ भर्ती हो रहे हैं डेंगू के मरीज
वायरल फीवर के चलते अस्पताल में बेड फुल हैं। स्थिति यह है कि मरीजों को फ्लोर पर भर्ती करना पड़ रहा है। सामान्य मरीजों के साथ डेंगू के मरीज भी भर्ती हो रहे हैं। इन मरीजों को मच्छरदानी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

खबरें और भी हैं...