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प्रभारी मंत्री ने किया तिघरा का निरीक्षण:जल संसाधन मंत्री सिलावट ने तिघरा की जल क्षमता बढ़ाने के लिए योजना तैयार करने दिए निर्देश

ग्वालियर3 महीने पहले
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तिघरा डैम का निरीक्षण करते प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट - Dainik Bhaskar
तिघरा डैम का निरीक्षण करते प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट
  • तिघरा ग्वालियर जिले की प्यास बुझाने का एक मात्र साधन है

मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट शनिवार को ग्वालियर के तिघरा डैम पर पहुंचे हैं। उन्होंने तिघरा जलाशय की वर्तमान स्थिति और पानी की उपलब्धता के संबंध में अफसरों से चर्चा की। उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी, तिघरा पंचायत के सरपंच दशरथ सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि और जल संसाधन विभाग के विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि तिघरा जलाशय एक मात्र जलाशय है, जिसके माध्यम से पूरे ग्वालियर शहर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होती है। इस जलाशय में जल क्षमता को बढ़ाने की दिशा में भी विभागीय अधिकारी कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पहसारी डैम से तिघरा डैम को भरने वाली कैनाल की क्षमता वृद्धि की दिशा में भी योजना बनाकर प्रस्तुत करें।

तिघरा के एन्ट्री गेट को शानदार बनाने के दिए निर्देश
- प्रभारी मंत्री श्सिलावट ने तिघरा जलाशय के प्रवेश स्थल पर एक आकर्षक प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जलाशय को गंदगी से मुक्त रखने के लिये विभागीय अधिकारियों को नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। तिघरा जलाशय में लोग गंदगी न करें, इसकी निगरानी भी विभागीय तौर पर की जाए। जलाशय में नहाने और अन्य गतिविधियों पर जिससे गंदगी होती है प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे बोट क्लब के आस-पास भी साफ-सफाई रखने के दिशा-निर्देश दिए।

पर्यटकों के लिए फूडस की व्यवस्था हो

  • तिघरा जलाशय पर आने वाले पर्यटकों को खाने-पीने की व्यवस्था उपलब्ध हो, इसके लिये कैन्टीन संचालन का प्रस्ताव भी रखने के निर्देश भी प्रभारी मंत्री सिलावट ने दिए। मंत्री श्री सिलावट ने जल संसाधन विभाग के विभागीय अधिकारियों को भी स्पष्ट रूप से कहा है कि तिघरा जलाशय की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने में कोई ढ़िलाई न बरती जाए। संधारण के कार्य को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाए। जलाशय की सुरक्षा और पानी की आवक पर भी निरंतर नजर रखी जाए।
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