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  • When The Innocent Was Being Taken To The Crematorium, The Mother Admitted To Delhi Made A Video Call, Renu Is Still Unaware Of The Death Of Her Husband, Two Daughters.

ग्वालियर के कार हादसे का दर्द:दूसरी बेटी को श्मशान ले जाते समय दिल्ली में भर्ती मां ने किया VIDEO कॉल; दोनों बेटियों से बात के लिए अड़ी; आंसू छिपाकर सास ने समझाया- सब ठीक है

ग्वालियर5 महीने पहले
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तीन दिन में अनिल पाल, उसकी बेटियां नैंसी और भव्या की मौत हो चुकी है, पत्नी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। - Dainik Bhaskar
तीन दिन में अनिल पाल, उसकी बेटियां नैंसी और भव्या की मौत हो चुकी है, पत्नी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है।
  • दिल्ली में इलाज करा रही रेनू बार-बार पति, बेटियों के बारे में पूछ रही

कार दुर्घटना में पति और दो बेटियों की मौत से अनजान रेनू दिल्ली में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। उसे बताया गया है, पति और बेटियां मामूली घायल हैं। उनका ग्वालियर में इलाज चल रहा है। रविवार रात रेनू को होश आया, तो उसने वीडियो कॉल कर सबके चेहरे दिखाने की जिद पकड़ ली। किसी तरह वहां से देवर ने यहां वीडियो कॉल किया। उस समय रेनू की छोटी बेटी 3 साल की भव्या के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे।

वीडियो कॉल आने पर सभी ने आंखों के आंसू पोंछे और भव्या के शव को छुपाकर रेनू से बात की। बेटा और दो पोतियों को खोने का गम छुपाकर सास रामबती ने बहू से ख्याल रखने के लिए कहा। बहू बार-बार पति के साथ बेटियाें नैंसी और भव्या के बारे में पूछ रही थी। उसे यही बताया कि सब ठीक हैं। अस्पताल में इलाज चल रहा है।

घटना के बाद घायल रेनू का इलाज कराते समय का फोटो, अब वह दिल्ली एम्स में भर्ती हैं।
घटना के बाद घायल रेनू का इलाज कराते समय का फोटो, अब वह दिल्ली एम्स में भर्ती हैं।

रविवार रात मासूम का अंतिम संस्कार

शनिवार रात 12 बजे घोसीपुरा निवासी मृतक अनिल पाल की छोटी बेटी भव्या की दिल्ली में मौत हो गई थी। दिल्ली में रविवार सुबह पोस्टमाॅर्टम के बाद दोपहर में बच्ची के शव लेकर परिजन ग्वालियर के लिए निकले थे। रविवार रात करीब 9 बजे शव लेकर परिजन ग्वालियर पहुंचे। यहां उसका अंतिम संस्कार किया गया है। तीन दिन में अनिल पाल, उसकी बेटियां नैंसी उर्फ निकिता (7), भव्या (3) की मौत हो चुकी है। अनिल की पत्नी दिल्ली एम्स में जिंदगी मौत के बीच झूल रही है।

रेनू का हुआ ऑपरेशन, पैर बचा या नहीं बाद में पता लगेगा

पति, दो बेटियों की मौत से रेनू अनजान है। उसने एक्सीडेंट तो देखा है, लेकिन उसे यह बताया गया है कि सभी सुरक्षित हैं। ग्वालियर में इलाज चल रहा है। उसके पैर में जहर फैलने से पैर काटने की नौबत आ गई है। एम्स में डॉक्टर ने पैर को बचाने के लिए ऑपरेशन तो कर दिया है, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि यह बाद में ही पता लगेगा कि पैर बचा है या नहीं।

पति की मौत छिपाते हुए झूठ बोलकर उतरवाईं चूड़ियां

शुक्रवार को जब मुरार मुक्तिधाम में अनिल के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तो उसकी पत्नी की चूड़ियां उतरवाने की रस्म होनी थी। यह मुश्किल था। कौन रेनू को बताए और चूड़ियां उतरवाए। यहां डॉक्टर का बहाना कर रेनू से चूड़ियां उतरवाई गईं। उसे बताया, डॉक्टर ने कहा है कि चूड़ियां और कोई गहना नहीं पहनना है। यह अस्पताल का नियम है।

यह है घटना

उपनगर मुरार के घोसीपुरा में रहने वाला अनिल पाल वैन किराए पर चलाता था। परिवार में पत्नी रेनू और 2 बेटियों नैंसी उर्फ निकिता (7) और भव्या (3) थीं। गुरुवार को वह झांसी रोड इलाके में अपनी ससुराल एक कार्यक्रम में शामिल होने गया था। पूरा परिवार साथ में था इसलिए वह अपनी वैन नंबर MP07 BA-3691 लेकर गया था। रात 12.30 बजे लौटते समय अभी वह अपनी गाड़ी से एजी ऑफिस पुल पर पहुंचे ही थे कि उनकी गाड़ी में सामने से तेज रफ्तार में रॉन्ग साइड आई कार नंबर MP07 CJ-0045 ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वैन आगे से पूरी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में अनिल पाल और उसकी बेटी नैंसी पाल की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि पत्नी रेनू और बेटी भव्या गंभीर घायल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद भव्या ने भी दिल्ली में शनिवार रात दम तोड़ दिया था।

न कोई आर्थिक सहायता, न मिलने पहुंचे नेता, अफसर

शहर में इतनी बड़ी घटना हो गई कि एक पूरा परिवार उजड़ गया। तीन दिन में 3 सदस्यों की मौत हो चुकी है। एक सदस्य दिल्ली के एम्स में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। इलाज कहां से हो पाएगा यह भी पता नहीं है। इलाज के लिए पैसे नहीं है। पर इतनी बड़ी घटना के बाद भी विधायक, पूर्व विधायक, मंत्री, अफसर या अन्य कोई समाजसेवी मृतक अनिल पाल के परिवार के पास तक नहीं पहुंचा है। सिर्फ कांग्रेस नेता साहब सिंह ने पहुंचकर मानवीयता दिखाई है।

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