जज ने खुद इंग्लैंड किया फोन:फरियादी डॉक्टर पति ने कॉल रिसीव नहीं किया, डॉक्टर पत्नी बोली- इसी तरह वह साथ रखने का कर रहा नाटक

ग्वालियर9 महीने पहले
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फाइल फोटो-  डॉक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के दिए गए हैं निर्देश। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो- डॉक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के दिए गए हैं निर्देश।
  • कुटुम्ब न्यायालय में आया डॉक्टर दंपती का मामला

एक महिला के डॉक्टर पति को कोर्ट में बुलाने के लिए जज ने खुद इंग्लैंड कॉल लगाया। एक बार नहीं तीन बार कॉल किया गया, लेकिन डॉक्टर ने कॉल रिसीव नहीं किया। इस पर, डॉक्टर पत्नी ने तर्क दिया कि इसी तरह वह मुझे अपने साथ रखने का नाटक कर रहा है। उसका साथ रहने का आवेदन लगाना सिर्फ गुमराह करना है। यह सब बुधवार को कुटुम्ब न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान हुआ। हालांकि सुनवाई के दौरान कोर्ट में डॉक्टर की मां उपस्थित रहीं। जज ने डॉक्टर की मां को निर्देशित किया है कि वह किसी भी तरह अपने बेटे को बुलाएं।

यह है मामला

शहर में रहने वाले डॉ. विवेक कुमार (बदला हुआ नाम) की शादी 12 नवंबर 2018 को पंजाब के जालंधर निवासी डॉ. महक (28) (बदला हुआ नाम) के साथ हुई थी। दोनों का रिश्ता न्यूज पेपर में आए मेट्रिमोनियल एड के बाद आपस की बातचीत के बाद हुआ था। दोनों परिवार इस रिश्ते से सहमत थे। दोनों ही डॉक्टर थे, इसलिए लेनदेन भी तय नहीं हुआ था। शादी के बाद डॉ. महक यहां आकर अपनी ससुराल में रहने लगी। कुछ समय बाद उसकी सास और मौसी सास उसे परेशान करने लगी। आए दिन किसी न किसी बात पर परेशान करना, बेटे की बराबरी करने पर नीचा दिखाना शुरू कर दिया। विवेक कुमार से बात की, तो उसने अपनी मां का पक्ष लिया। इस कारण शादी के करीब 8 महीने बाद साल 2019 में महक को अपने मायके वापस लौटना पड़ा।

कोर्ट में साथ रखने का आवेदन कर निकल गया इंग्लैंड

पत्नी के जाने के बाद डॉ. विवेक ने कुटुम्ब न्यायालय में आवेदन किया, जिसमें उसका तर्क था कि वह पत्नी को साथ रखकर दाम्पत्य जीवन का सुख देना चाहता है। वह उसे अपने पास ही रखना चाहता है। इसके बाद, वह जॉब लगने पर इंग्लैंड चला गया। विवेक के आवेदन के जवाब में उसकी पत्नी ने विरोध किया। पत्नी की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र सिकरवार ने विरोध में तर्क दिया, विवेक सिर्फ साथ रखने का नाटक कर रहा है। वह पत्नी को साथ में इंग्लैंड नहीं ले जा रहा है। उसे ग्वालियर में ही रहने की कह रहा है। कई बार बुलाने के बाद भी कोर्ट में नहीं आ रहा है, जबकि डॉ. महक को बार-बार जालंधर से आने में परेशानी होती है।

जज ने डॉक्टर को बुलाने के लिए उसकी मां को कहा

इस पर जज ने खुद डॉक्टर को कोर्ट में बुलाने के लिए उसके मोबाइल नंबर पर कॉल किया। एक बार कॉल रिसीव नहीं हुआ, तो तीन बार कॉल किया गया, लेकिन डॉक्टर ने कॉल रिसीव ही नहीं किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान डॉक्टर की मां उपस्थित थी। इस पर जज ने डॉक्टर को बुलाने के लिए उसकी मां को निर्देशित किया है।